एसपी के लिए मौलाना की गिरफ्तारी व पेदा गोली कांड बनेगी चुनौती

बिजनौर। एसपी उमेश श्रीवास्तव के तबादले के बाद अजय कुमार सहानी को बिजनौर का नया एसपी बनाया गया है। उनके लिए बिजनौर जिले का ताज कांटों भरा साबित होगा। दोनों पक्षों को संतुष्ट करते हुए पेदा कांड को निपटाने के अलावा दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे मौलाना अनवारूहक की गिरफ्तारी नवागत एसपी अजय साहनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होगी। इन दोनों मामलों का नवागत एसपी साहनी निस्तारण करेंगे या सत्ताधारियों के कामों में ही उलझकर रह जाएंगे यह वक्त ही बताएगा।




जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली शहर के ग्राम पेदा में छेड़छाड़ को लेकर हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी। शासन प्रशासन की तत्परता के चलते पेदा कांड की आग दूसरी जगह फैलने से तो बच गई थी, लेकिन इस कांड ने राजनीति रूप ले लिया था। सत्ताधारी पार्टी को छोड़कर अधिकांश राजनीतिक पार्टियां इस कांड में पुलिस प्रशासन की कार्यवाही की निन्दा करते हुए सीबीआई जांच कराये जाने की मांग कर रही हैं। यह मामला दिल्ली तक पहुंच गया है। ऐसे में पुलिस द्वारा भाजपा नेता ऐश्वर्य चैधरी एड. का नाम मुकमदे में शामिल किए जाने से राजनीति भी गर्मा गई। भाजपाई व अधिवक्ताओं द्वारा ऐश्वर्य का नाम निकाले जाने के लिए जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे हंै। अधिवक्ता पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर हैं और प्रदेश स्तर पर आंदोलन की राणनीति बना रहे हैं।

ऐसे में आईपीएस अजय कुमार सहानी के लिए बिजनौर का पुलिस अधीक्षक बनना कांटों भरी राह पर चलने के समान है। जानकरों की माने तो पुलिस अधीक्षक अगर इस मुकदमे में ऐश्वर्य व प्रफुल का नाम निकलवाते हैं तो सत्तारूढ़ नेता उनसे नाराज हो जाएंगे और उन्हें उनके प्रकोप का शिकार बनना होगा। यदि दोनों अधिवक्ताओं के नाम मुकदमे से नहीं निकाले जाते तो उन्हें अधिवक्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं जामा मस्जिद के इमाम कारी अनवारूलहक का प्रकरण भी उनके लिए लोहे के चने चबाने से कम साबित नहीं होगा। कारी अनवारूलहक पर बलात्कार समेत चार मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस की कार्यवाही से उनके समर्थकों में भी काफी रोष है। ऐसे में मौलाना की गिरफ्तारी करना भी पुलिस अधीक्षक के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक इन दोनों बड़े मामलों का निस्तारण कर पाएंगे या सत्ताधारियों को खुश करने के लिए उनके कामों में ही उलझकर रह जाएंगे यह वक्त ही बताएगा।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट