एसपी ने मनोज राणा हत्या कांड का खुलासा किया, शूटर अरेस्ट

बिजनौर। दो माह पूर्व मनोज राणा हत्याकांड को पुलिस ने खुलासा करते हुए मुठभेड के दौरान एक शूटर समेत दो बदमाशों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। जबकि दूसरा शूटर व उनकी मदद करने वाला सभासद पुत्र अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। पुलिस ने आरोपिायों के पास से अवैध हथियार बरामद किए है तथा पुलिस फरार चल रहे अन्य शुटरों की तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करने वाली टीम की प्रशंसा की है।




जानकारी के अनुसार गुरुवार की दोपहर पुलिस लाईन के सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना कोतवाली शहर के मौहल्ला नई बस्ती निवासी रिटायर्ड दरोगा रघुराज सिंह के पुत्र मनोज राणा को 22 जुलाई की रात्रि शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद शूटर हवाई फायरिंग करते हुए वहां से फरार हो गए थे। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया था। मृतक मनोज राणा के पिता रघुराज सिंह ने थाने में मनोज राणा के दोस्त मौहल्ला चाहशीरी निवासी अलीम व नगर पालिका परिषद बिजनौर के सभासद सार्थक चैधरी उर्फ रिक्की के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस ने इस मामले में घटना के चश्मदीद मौहल्ला जाटान निवासी बंटी व महिला सभासद के पुत्र वरूण को शामिल किया था। पुलिस जांच में मनोज राणा के हत्यारों व उसकी हत्या की वजह को तलाश रही थी कि पुलिस ने गुरूवार को मुखबिर की सूचना पर मुठभेड़ के बाद मनोज राणा की हत्या करने वाले एक शूटर व उसके साथी को दबोच लिया। उनके पास से अवैध हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो शूटरों ने अपना नाम मवाना के ग्राम निलोहा निवासी अभिनव उर्फ नन्दू पुत्र विनोद व मुजफ्फरनगर के तितावी निवासी राहुल उर्फ रूपक बताया। इतना ही नही पकडे गए आरोपियों ने बताया कि गैंग के सरगना की तरफ से उन्हें प्रतिमाह 25 हजार रुपए सैलरी के रुप मिलते है। पुलिस के अनुसार अभिनव ने अपने साथी बुलंदशहर निवासी अमित ठाकुर के साथ मिलकर मनोज राणा की हत्या की थी। इसके लिए महिला सभासद के पुत्र वरूण ने उन्हें हथियार उपल्बध कराये थे और घटना को अंजाम देने के बाद उन्हें यहां से सुरक्षित निकाला था।

पुलिस ने जांच में पाया कि मनोज राणा की जान वर्चस्व की जंग में गई थी। शहर के एक प्रापर्टी डीलर के कहने पर मेरठ जेल में बंद एक बदमाश ने मनोज को रास्ते से हटाने के लिए ताना बाना बुना था। पुलिस घटना को अंजाम देने वाले दूसरे शूटर व सभासद पुत्र की तलाश कर रही है। घटना का पर्दाफाश करने वाली टीम में एसएसआई धर्मपाल सिंह, तहसील चैकी प्रभारी राजीव कुमार, उपनिरीक्षक जगत सिंह, कास्टेबिल जयवीर सिंह राठी, बसंत सिंह, सन्तोष काुमार आदि शामिल है।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट




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