पेदा कांड में मजदूर संघ ने एक तरफा कार्यवाही पर रोष जताया

बिजनौर। सभी नेता किसानों के ऊपर राजनीति की दुकान चला रहे हैं। किसान अगर एकजुट हो जाए तो सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की राजनीति खत्म होजाएगी, इसलिए ये नेता किसानों को खुशहाल देखना नहीं चाहते। यह बात राष्ट्रीय किसान मजदूर के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार बीएम सिंह ने बुधवार को पीडब्लूडी के गेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि किसान को मुऋी बंद कर लड़ाई लडनी होगी, तभी किसान को उसका हक मिल सकता है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा उत्तर प्रदेश में सरकार बनने के बाद किसानों का कर्ज माफ करने के बारे में कहा कि नजदीक प्रदेश उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार है। अगर कांग्रेस को किसानों की चिन्ता है तो पहले वहां के किसानों का कर्ज माफ करें।




अगर ऐसा होता है तो वे कांग्रेस को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने गठबंधन के बारे में कहा कि सपा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने उन्हे गठबंधन के लिए बुलाया है, लेकिन उसकी पार्टी केवल राष्ट्रीय स्तर की पार्टी के साथ ही गठबंधन करेगी ताकि पूरे देश के किसानों के हित की बात मजबूती के साथ रखी जा सके। दो अक्टूबर को बिजनौर के इंदिरा बाल भवन में होने वाली श्जय जवान जय किसान भारत माता की जय्य रैली के बारे में कहा कि रैली में एक लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद थी। रैली में पेदा के किसानों के खिलाफ हो रही एक तरफा कार्यवाही के साथ ही अन्य समस्याओं को उठाया जाता। प्रशासन इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने के बारे में सोचकर घबरा गया और परमिशन कैंसिल कर दी। अब वे फिर से पार्टी र्काकर्ताओं के साथ बैठक कर फिर से रणनीति तैयार करेंगे और पेदा के किसानों को इंसाफ दिलाने के लिए हर स्तर पर आंदोलन करेंगे। प्रदेश स्तर पर यात्रा निकालकर किसानों को एकजुट करेंगे।

उन्होंने पेदा कांड की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि पुलिस को पहले मामले की जांच करनी चाहिए थी। जांच में दोषी पाए जाने पर ही किसानों के खिलाफ र्कावाही करनी चाहिए थी, लेकिन पुलिस ने सत्ता के दबाव में कई निर्दोष किसानों को नामजद करते हुए जेल भेजना शुरू कर दिया है। प्रेसवार्ता में स्वामी ओमवेश, ठाकर सिंह राजपूत, संसार सिंह, हरि सिंह चैहान, चै. आदित्य वीर, डालचंद सिंह, होशराम प्रधान, राजीव चैधरी, सुरेन्द्र कुमार व संजीव सिंह आदि मौजूद रहे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट