दर्जनभर अनुपस्थित कर्मचारियों के एक दिन का वेतन काटने के आदेश

बिजनौर। जिलाधिकारी जगतराज द्वारा जिला अस्पताल के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान सीएमएस सहित सात चिकित्सकों एवं 15 कर्मचारियों के अनुपस्थित होने और महिला अस्पताल की अधिकतर सेवायें एवं व्यव्स्थायें अव्यवस्थित पाये पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए अनुपस्थित पाये जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने, उन्हें चेतावनी जारी करने तथा उनका स्पष्टीकरण करने के निर्देश दिये है।

जिलाधिकारी जगतराज आज प्रातः 8.30 बजे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करते हुए निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा जन सामान्य को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवायें और सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही हैं और ये सुविधायें तभी सही मायनों में उपलब्ध हो सकती हैं, जब अस्पतालों में नियुक्त चिकित्सक और कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी अधिकारी अपने दफतरों में 10 से 12 बजे तक अनुपस्थित पाये जाऐंगे उनके विरूद्व कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जाएगी और निरीक्षण के दौरान भी अनुपस्थित पाए जाने वाले अधिकारियों एंव कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्य की जाएगी। उन्होनंे कहा कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा शासन तथा उनकी प्राथमिकताआं वाले कार्यक्रमों में शामिल हैं, इस लिए उक्त क्षेत्रों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों को बख़्शा नहीं जाएगा।




जिलाधिकारी जगतराज प्रातः लगभग 8.30बजे जिला अस्पताल के एमरजेन्सी कक्ष में पहुंचे और उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान सीएमएस अवकाश पर पाये गये जबकि दो चिकित्सक और एक संविदा कर्मचारी अनुपस्थित मिले। पुरूष अस्पताल में पुरूष वार्ड के मुआयने के दौरान बदबू का एहसास होने पर उन्होंने तत्काल वार्ड की समुचित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये, मुआयने के दौरान शौचालयों में भी गंदगी पायी गयी। आपॅरेशन थियेटर का निरीक्षण करते हुए आॅपरेशन किये जाने वाले मरीजों से बातचीत के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आज किये जाने वाले सात आॅपरेशन मरीजों को न तो अस्पताल की वर्दी मुहैया करायी गयी है और न ही उनकी बारी के लिए नम्बर आवंटित किये गये हैं। उन्होंने इस भ्रामक स्थिति के समाधान के लिए निर्देश दिये कि आॅपरेशन के मरीजों को वर्र्दी उपलब्ध करायें और मरीजों को नियमानुसार नम्बर आवंटित करें ताकि उन्हें अपनी बारी का आभास रहे। महिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान सीएमएस सहित पांच चिकित्सक अनुपस्थित पाए गये ओपीडी में मरीजों की भीड़ होने के बावजूद किसी भी चिकित्सक के मौजूद न होने पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की। मरीजो से वार्ता के दौरान बताया गया कि आमतौर पर चिकित्सक मिलते ही नहीं और मरीजों के साथ अभद्रता और र्दुव्यवहार भी किया जाता है।

निरीक्षण करते हुए वार्डाे एवं शौचालयों में गंदगी तथा आवश्यक प्रकाश व्यवस्था नहीं पायी गयी तथा जच्चा वार्ड में मरीजो द्वारा चादरें गंदी होने पर कई-कई दिन में चादरें बदलने की शिकायत की गयी। महिला बच्चा वार्ड में मालूमात करने पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि प्रसव होने के बावजूद महिला को जेएसवाई योजना के तहत मिलने वाली धनराशि उपलब्ध नहीं करायी गयी है, जबकि बैंक में उसका खाता भी मौजूद है। जबकि एक महिला मरीज ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए कहा कि स्टाफ द्वारा उनसे डिलीवरी के लिए तीन हजार रूपये उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है इसके अलावा अन्य महिलाओं द्वारा भी महिला अस्पताल में स्टाफ द्वारा धनराशि की मांग करने की शिकायत की गयी। जिलाधिकारी ने उक्त शिकायतों पर कड़ा रूख अपनाते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका को निर्देश दिये कि शिकायकर्ताओं से शिकायत पत्र प्राप्त कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही कर उन्हें अवगत कराना सुनिश्चित करें।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट




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