खुले में शौच नहीं अभियान को रेलवे अधिकारी लग रहे पलीता

बिजनौर/नगीना। केन्द्र सरकार की मुहिम कि शौच खुले में ना करें और घर पर शौच बनवायें। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस अभियान के तहत महिलाओं तथा पुरुषों द्वारा पहरा लगाया गया है कि खुले में जो भी शौच करेगा उसके विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी और तुरंत जुर्माना वसूला जायेगा किंतु इस कानून को स्थानीय जनता ने पूरी तरह ताक पर रख दिया है और खुलेआम इस केन्द्र सरकार की मुहिम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और अधिकारी खामोश तमाशाई बने देख रहे हैं।



सरकार की इस योजना की हवा तब निकल गई जब नगीना रेलवे स्टेशन पर एक बच्चा तथा एक अधेड़ व्यक्ति खुले में शौच करता पाया गया किंतु इनकी खैर खबर लेने के लिये नगीना रेलवे स्टेशन के कर्मचारी पूरी तरह सोये हुए हैं। स्थानीय रेलवे स्टेशन के आसपास के दुकानदारों का कहना है कि शौच के लिये नगीना रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नं. एक पर बने शौचालयों में 24 घंटे ताला बंद रहने से शौच करने के लिये बच्चे, बूढ़े तथा महिलायें इधर उधर भटकती हैं और रेलवे स्टेशन पर आने वाले मुसाफिर कहीं पर भी बैठकर शौच करने को मजबूर हो जाते हैं।

जबकि खुले में शौच पर प्रतिबंध लगाने के लिये केन्द्र सरकार करोड़ों अरबों रुपये विज्ञापनों पर खर्च कर प्रचार प्रसार करने पर लगी है किंतु सरकार के अधिकारी तथा कर्मचारी इस मुहिम पर गंभीर नहीं हैं।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट