वाह रे बिजली विभाग! मृतक व्यक्ति को जिंदा दर्शाकर बना दिया बिजली चोर

बिजनौर। साढ़े तीन वर्ष पूर्व मरे व्यक्ति के खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने तथा उसके बयान भी केस डायरी में अंकित करने के मामले में स्पेशल जज आलोक पराशर ने विद्युत विभाग के उपखंड के दो अधिकारी, छह जेई व एक एसडीओ तथा विवेचक को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है। एडीजीसी पंकज कुमार के अनुसार रफीक पुत्र मुन्ना निवासी नजीबाबाद की मृत्यु 27 मई 2012 को चुकी है। आरोप है कि 19 फरवरी 2016 को विद्युत विभाग की चेकिंग टीम में अशोक कुमार तथा प्रियदर्शी गौतम विद्युत उपखंड अधिकारी, जेई सुधीर कुमार, जेई रामलाल, जेई कुलदीप कुमार, जेई दीपक कुमार यादव, जेई पीएस राणा, जेई ब्रषपाल, जेई दीपक कुमार, तथा एसडीओ राहुल गौतम द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर बिजली चोरी करने के मामले में 33 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।




आरोपी रफीक जिसकी मृत्यु साढ़े तीन वर्ष पूर्व हो चुकी ह,ै उसको भी तहरीर में चैथे स्थान पर दिखाया गया था। इस मामले में विवेचक एसआई वीरेंद्र ङ्क्षसह ने केस डायरी लिखते समय भी मृतक रफीक को ङ्क्षजदा बताकर उसके बयान 22 मार्च 16 को अंकित करना दिखाया गया है। उपरोक्त मामला सुनवाई के लिए स्पेशल जज की कोर्ट में आने के बाद जज आलोक पाराशर ने इस मामले में मृतक रफीक के संबंध में थाने से रिपोर्ट तलब की। रिपोर्ट में नजीबाबाद पुलिस ने बताया कि आरोपी रफीक की मृत्यु 27 मई 12 को हो चुकी है।

न्यायाधीश आलोक पाराशर ने इस मामले में बरती घोर लापरवाही पर विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी अशोक कुमार व प्रियदर्शी गौतम, जेई सुधीर कुमार, रामलाल, कुलदीप कुमार, देवेंद्र कुमार यादव, पीएस राणा, ब्रजपाल, दीपक कुमार व एसडीओ राहुल गौतम तथा विवेचक वीरेंद्र ङ्क्षसह को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है कि उन्होंने मृतक व्यक्ति पर किस प्रकार कार्रवाई कर दी। मामले में अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट