जनपद में बुखार से हुई तीन मौतों से हडकम्प, चिकित्सक अंजान

बिजनौर। जनपद में बुखार से बीते 48 घंटों में हुई तीन मौतों से परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। उपचार के दौरान भी मृतकों को उचित उपचार न मिलने के कारण परिजनों में रोष है और वह डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। क्षेत्र के गांव सिंकदरपुर निवासी फईम की पुत्री अजमी को तीन दिन पहले बुखार आया था। आसपास के चिकित्सकों से उसका उपचार कराया गया, लेकिन बच्ची की तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ। जिसके बाद गुरूवार को दोपहर को अजमी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के परिजनों ने चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। बच्ची की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।




ग्राम नारायणपुर निवासी जुल्फिकार उर्फ जिल्लू 19 वष्ज्र्ञ पुत्र नुरू गुडगांव में रहकर पेंट का कार्य करता था। तीन दिन पूर्व बुखार की शिकायत होने पर उसने नजदीक ही स्थित एक चिकित्सक से इलाज कराया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। बुधवार की शाम जब उसके साथी काम कर वापस आये तो उन्होंने जुल्फकार को कमरे में निर्वस्त्र पड़ा पाया। साथियों ने चिकित्सक को मौके पर बुलाकर उसे दिखाया, लेकिन चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद साथियों ने जुल्फुकार की मौत की सूचना उसके परिजनों को दी। जुल्फुकार की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के परिजन तुरंत गुडगांव पहुंच गये और शव को लेकर गांव आये। परिजनों ने जुल्फकार के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। युवक की मौत से गांव में शोक व्याप्त है।

उधर ग्राम चेहला निवासी बुद्धा शाह पिछले 10 दिनों से बुखार से पीडिघ्त था। परिजनों ने वृद्ध को उपचार के लिये टीएमयू मुरादाबाद में भर्ती कराया था। बुधवार की रात वृद्धा की उपचार के दौरान मौत हो गयी। उसके साथ ही गांव में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा एक दर्जन को पार कर गया है। स्वास्थ्य विभाग के लाख जतन के बाद भी गांव में बुखार का प्रकोप थमने में नहीं आ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव के दर्जनों लोगों का उत्तराखण्ड के जौलीग्रांट एवं मुरादाबाद के टीएमयू में उपचार चल रहा है।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट