डीएम के आदेश पर गुमराह करने वाला शातिर असलाह बाबू निलम्बित

बिजनौर। जिलाधिकारी जगतराज द्वारा आज असलाह बाबू जो कि कलैक्ट्रेट कर्मचारी संघ बिजनौर के अध्यक्ष भी हैं, को व्यक्तिगत स्वार्थ को सिद्व करने के लिए उनके सम्मुख झूटी रिपोर्ट प्रस्तुत करने, तथ्यों को छुपाने, उच्चाधिकारियों को गुमराह करने तथा पद का दुरूपयोग करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है तथा उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने के आदेश दिये हैं। इसी के साथ कार्य प्रभावित न होने पाये,
उनके स्थान पर अन्य कर्मचारी को अस्लाह बाबू का कार्य भार सौंप दिया गया है।



उक्त प्रकरण की विस्तृत जानकारी देते हए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुरेन्द्र राम ने बताया कि शासन द्वारा नये शस्त्र लाईसेंस पर प्रतिबन्ध होने के कारण केवल जिला प्रशासन द्वारा विरासत से संबंधित लाईसेंस जारी किये जा रहे हैं। उन्होनें बताया कि किसी भी शस्त्र की विरासत में तब्दीली के लिए तीन मानकों में से किसी एक मानक का पूरा होना जरूरी है। प्रथम शस्त्र धारक की मौत हो चुकी हो, दूसरे उसकी आयु 70 वर्ष से ज्यादा हो गयी हो और तीसरे शस्त्र लाईसेंस लिए हुए 25 वर्ष बीत चुके हों। उन्होनें बताया कि शासन द्वारा निर्धरित उक्त तीनों मानकों के अलावा और किसी भी तरीके से शस्त्र लाईसेंस की विरासत नहीं बदली जा सकती। उन्होनें बताया कि असलाह क्लर्क के रूप में कार्यरत श्री सतीश कुमार वर्मा जो कि कलैक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भी हैं, के नाम एक दो नाली 12 बोर की बन्दूक का शस्त्र लाईसेंस है जो उन्हें विगत 19 अक्तूबर, 1993 को जारी किया गया था, जिसको जारी हुए अभी केवल 23 वर्ष ही हुए हैं और 25 वर्ष होने में अभी दो साल बाकी हैं।

वर्मा उस लाईसेंस को अपनी पुत्री के नाम कराना चाहते थे, जिस के लिए उन्होनें पूर्व जिलाधिकारी श्रीमती चन्द्रकला के सम्मुख पत्रावली प्रस्तुत की थी, जिस पर उन्होनें पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के साथ अपर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत करने के आदेश किये थे। परन्तु श्री वर्मा द्वारा पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट लगाने के लिए कार्यवाही नहीं की गयी और न ही अपर जिलाधिकारी के माध्यम से पत्रावली का प्रस्तुतिकरण किया गया और पत्रावली को लम्बित कर अपने पास रख लिया गया। अपर जिलाधिकारी श्री राम ने यह भी बताया कि पूर्व जिलाधिकारी के स्थानान्तरण होने के बाद उक्त पत्रावली को श्री सतीश वर्मा द्वारा नये सिरे से वर्तमान जिलाधिकारी जगतराज के सम्मुख प्रस्तुत किया गया, जिस पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक की आख्या प्रस्तुत करने के लिए आदेश किये और पत्रावली को पुलिस आख्या के साथ उचित माध्यम से प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

उक्त आदेशों का पालन न करते हुए और तथ्यों को छुपा कर श्री वर्मा द्वारा पुरानी पुलिस आख्या का हवाला अंकित करते हुए बिना उचित माध्यम अर्थात प्रभारी अधिकारी असलाह के संज्ञान में लाए बिना स्वयं अपनी डबल बैरल बन्दुक को अपनी बेटी के नाम कराने के लिए तैयार की गयी पत्रावली को पुनरू जिलाधिकारी के सम्मुख प्रस्तुत की। जिलाधिकारी द्वारा शक होने पर जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि असलाह बाबू श्री सतीष वर्मा द्वारा विरासत स्थानान्तरण के लिए शासन द्वारा निर्धारित किसी एक भी मानक को पूरा नहीं किया गया है और तथ्यों को छुपा कर और अपने स्वार्थ सिद्व के लिए उच्चाधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है, जो कि निंदनीय और दण्डनीय है। जिलाधिकारी द्वारा श्री वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए उनके विरूद्व विभागीय कार्यवाही करने के निर्देश देने के साथ ही उन्होंने श्री विपिन कुमार को असलाह बाबू का कार्यभार सौंपे जाने के निर्देश दियें हैं।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट



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