बुखार के बढ़ते प्रकोप से लोग दहशतजदा, सीएमओ नही दे रहे ध्यान

बिजनौर/नगीना। नगीना तथा नगीना तहसील के ग्रामीण क्षेत्रो में दिन प्रतिदिन भयंकर बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। दो माह में इस खबर´नाक जानलेवा बुखार से नगीना नगर तथा नगीना के आसपास के गांवों में दो दर्जन से भी अधिक मौतें हो चुकी हैं। पिछले महीने नगीना तहसील के निकटवर्ती गांव में एक ही दिन में चार मौतें हो चुकी हैं। जिससे गांव में कोहराम मचा गया था। आम जनता का कहना है जिले पर बैठे स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी नगीना सीएचसी के साथ सौतेला व्यवहार करते हैं। जिस कारण नगीना तहसील में इतने बड़े क्षेत्र को कवर करने के लिये मात्र दो ही डाक्टर सीएचसी में तैनात सीएचसी प्रभारी डाक्टर नवीन ही रात दिन मरीजों को देख रहे हैं। जबकि कल थकान के कारण डाक्टर नगीना का ब्लडप्रेशर बढ़ गया था। तभी उन्हें दवा दी गयी और आधा घंटा लेटने के बाद वो फिर से मरीजों को देखने बैठ गये।



स्थानीय जनता व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि नगीना सीएचसी में दो ही डाक्टर होने के बाद भी सीएचसी प्रभारी की डयूटी किसी भी दिन बिजनौर पोस्टमार्टम में लगा दी जाती है और जानलेवा चल रहे बुखार के मरीज सीएचसी में मारे मारे फिरते हैं। मौहल्ला विश्नोई सराय निवासी सेवानिवृत्त एएनएम रेखा विश्रोई 65 वर्ष करीब पांच वर्ष पूर्व से सेवानिवृत्त हुई थी। पिछले काफी समय से बीमार चल रही थीं। पांच दिन पूर्व बुखार के कारण नगीना सीएचसी पर उपचार कराया था। हालत बिगडने पर बुधवार की रात्रि उपचार के लिये परिजन देहरादून ले जा रहे थे रास्ते में ही रेखा विश्रोई ने दम तोड़ दिया। एएनएम की मौत की खबर सुनते ही सीएचसी के प्रभारी डाक्टर नवीन तथा समस्त सीएचसी स्टाफ ने उनके निवास पर पहुंचकर संवेदनायें व्यक्त कीं। इस जानलेवा बुखार से हुई दोनों मौतों से उनके परिवारों में कोहराम मचा है। नगरवासियों तथा ग्रामीणों ने सीएमओ बिजनौर से और डाक्टरों की संख्या तुरंत बढ़ाने की मांग की है।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट