गौ प्रतिष्ठा भारत यात्रा का बिजनौर पहुंचने पर स्वागत

बिजनौर। भारतीय गौ क्रांति मंच के तत्वावधान में देशभर में निकाली गयी गौ प्रतिष्ठा भारत यात्रा बुधवार को बिजनौर पहुंची। यहां के एक बैंकट हॉल में इस यात्रा का स्वागत किया गया। इस मौके पर गौ गंगा कृपाकांक्षी गोपाल मण्डी जी ने कहा कि गौमाता हमारी भारतीय सनातन संस्कृति की मूल है। वेद शास्त्रों में गाय को मां का सम्मान दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद भारत सरकार गाय को पशु श्रेणी में मानती है।



अस्सी करोड़ हिन्दूओं की आस्था का प्रतीक गाय माता को राष्ट्र माता का सम्मान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गाय में 33 करोड़ देवीदेवताओं का वास है। गाय का अगला जन्म मनुष्य के रूप में होता है। गाय के गोबर से मिथेन गैस निकलती है जिससे देशभर में चूल्हे जलाये जाते हैं और इसी गैस को सीएनजी में बदलकर मोटर वाहनों को चलाया जाता है।

गाय एक औषद्यालय व देवालय है। इसके बाद यात्रा में शामिल लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की। इस मौके पर मयंक मयूर, वैद्य अजय गर्ग, विनीत चौधरी, विनय चौधरी, सविता शर्मा, प्रदीप चौधरी, राजीव सोती, ज्ञानेन्द्र शर्मा व अजय फौजी आदि शामिल रहे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट