नोट बदलने के चक्कर में बैंकों में हो रहा गरीबों का शोषण

बिजनौर/नगीना। बैंकों पर लगी भीड़ ने नगीना पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन झगड़ों को देखें या एक्सिडेंट देखें लोगों की कुछ समझ में नहीं आ रहा है। युवा समाजसेवी शाकिब उर्फ मोनू, अरशद अली गंगवाली वाले, शराफत हुसैन, शमीम मंसूरी आदि का कहना है कि केन्द्र सरकार को यह कदम पहले से ही व्यवस्था कर कानून पारित करना चाहिए था।




गरीब मजदूर, तथा बुजुर्ग महिलायें सभी बैंकों में लाइनों में लगकर परेशान हैं किंतु उनकी सुनने वाला कोई नहीं। बैंक अधिकारी तथा कर्मचारी अपने मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। आखिर जनता करे तो क्या करे। नया नोट अभी आया नहीं है। बैंकों में बार बार कैश समाप्त हो रहा है। एटीएम बंद पड़े हैं। जनता की परेशानी में सुधार होने की बजाये समस्यायें बढ़ती जा रही हैं। सबसे अधिक परेशानी गरीब मजदूर तथा शादी वालों को हो रही है आखिर गरीब जनता का मोदी सरकार में क्या होगा।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट