कानूनगो व लेखपाल के रिश्वत की मांग करने पर निलंबन के आदेश

बिजनौर। जिलाधिकारी जगतराज ने तहसील दिवस में शिकायतकर्ता द्वारा चकबंदी लेखपाल के पट्टा श्रेणी परिवर्तित कराने में रिश्वत की मांग करने और मांग के सापेक्ष धनराशि उपलब्ध कराने के बावजूद काम न करने तथा शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से परेशान करने के प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए इस मामले में लिप्त पाए गये कानूनगो राजस्व एवं चकबंदी तथा लेखपाल राजस्व एवं चकबंदी चारों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिये, इसी के साथ उन्होंने एसीओ चकबंदी द्वारा उक्त प्रकरण में शिथिलता बरते जाना प्रकाश में आने पर उनकी चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्ठि दर्ज करने के निर्देश दिये।



इसके अलावा उन्होनें दो विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास कार्यो में जांच के दौरान लगभग 60 लाख रूपये के घोटाले का मामला प्रकाश में आने पर कड़ी कार्यवाही करते हुए ग्राम प्रधान एवं पंचायत सेक्रेेट्री के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने तथा दोषियों से धनराशि वसूल करने के निर्देश दिये। उन्होनें स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि विकास एवं राजस्व कार्यो की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की अनियमित्ता और लापरवाही बिल्कुल बर्दाशत नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी श्री जगतराज आज तहसील नजीबाबाद के सभागार में आयोजित तहसील दिवस की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। तहसील दिवस में शिकायतों की सुनवाई दौरान ग्राम भागुवाला के श्री खुर्शीद ने अपने लिखित शिकायती पत्र में बताया कि उनके नाम श्रेणी-2 का पट्टा है, जिसे वह संक्रमणीय भूमिधर श्रेणी-1 में परिवर्तित कराने लिए लेखपाल चकबन्दी श्री सहेन्द्र कुमार ने उनसे खर्चे की मांग की।

उन्हेानें बताया कि लेखपाल की मांग के अनुसार उन्होनें धनराशित उन्हें उपलब्ध करा दी परन्तु उन्होनें धनराशि लेकर भी कार्य नहीं किया। जिलाधिकारी ने उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए चकबंदी लेखपाल सहेन्द्र सिंह, लेखपाल राजस्व, कानूनगो चकबन्दी तथा राजस्व चारों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होनें एसीओ चकबंदी की निष्क्रियता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनकी चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्ठि दर्ज करने के निर्देश उप संचालक चकबंदी को दिये। तहसील दिवस के बाद सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिकातकर्ता द्वारा दोबारा या बार-बार एक ही शिकायत को प्रस्तुत करना इस बात को प्रमाणित करने के लिए काफी है कि उसकी शिकायत निस्तारण गुणवत्तापूवर्क नहीं किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि एक ही शिकायत के पुनरू प्रस्तुतिकरण होने पर संतोषजनक निराकरण न किये जाने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्व कार्यवाही की जाएगी।




उन्होनें सभी अधिकारियेां को निर्देश दिये कि उन्हें जो भी शिकायत प्राप्त हो उस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए उसका गुणवत्तापूर्वक निस्तारण करना सुनिश्चित करें और जिन शिकायतों की जांच किया जाना आवश्यक हो तो संबंधित शिकायतकर्ता को अधिकारी जांच के लिए आने वाले दिन और समय का निर्धारण करते हुए सूचित करें ताकि वह नियत स्थान पर मौजूद मिले। उन्होनें संभावित चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने विभागीय कार्यो और आवंटित लक्ष्यों को माह दिसम्बर तक पूरा करने का प्रयास करें ताकि विकास की गति पर कोई प्रभाव न पडने पाए।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

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