विद्यार्थियों में छुपी हुयी प्रतिभाओं की पहचान करना जरुरी: डीएम

Bijnor News 406

बिजनौर। जिलाधिकारी जगतराज ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा मानव जीवन में बुनियादी महत्व रखती है, ये शिक्षा जितनी गुणवत्तापरक होगी उतना ही उसका प्रभाव जीवन पर पड़ेगा। उन्होंने सभी शिक्षकगणों का आहवान किया कि वे स्कूलों में मौजूद विद्यार्थियों को अपना बेटा-बेटी समझ कर शिक्षा ग्रहण करायें और शिक्षा के साथ साथ उनमें छुपी हुयी खेल आदि प्रतिभाओं को भी उभारें। उन्होंने कहा कि जिला बिजनौर जब ओडीएफ के क्षेत्र में प्रदेश में माॅडल बन सकता है तो क्या कारण है कि माॅडल शिक्षा ग्रहण में प्रदेश का आर्दश नहीं बना सकता जबकि शिक्षा विभाग के पास सबसे बड़ी और शिक्षित टीम मौजूद है। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं भी शासकीय प्राथमिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण की है और सरकारी स्कूलों में अन्य शिक्षा प्राप्त कर प्रशासनिक सेवा में आये हैं। उन्होंने शिक्षकगणों को पे्ररित करते हुए कहा कि उनके दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयासों से ही शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापरक शिक्षा में क्रांति लायी जा सकती है।




जिलाधिकारी प्रातः 11 बजे स्थानीय नहरू स्टेडियम में बेसिक शिक्षा विभाग के सौजन्य से आयोजित खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होनंे कहा कि एक संवेदनशील और निष्ठावान शिक्षक ही अपने विद्यार्थियों में छुपी हुयी प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें परवान चढ़ा सकता है। शिक्षक की प्रेरणा से उत्साहित हो कर छात्र एवं छात्राओं में अपनी प्रतिभाओं को निखारने का जज्बा पैदा होता है और शिक्षक का मार्गदर्शन उन्हें पे्ररित करता है कि वे अपनी प्रतिभाओं को चरम सीमा पर लेजा कर अपने उज्जवल भविष्य के निर्माण के साथ-साथ अपने देश-प्रदेश का नाम रोशन करें।



उन्होंने कहा कि खेल मात्र एक खेल ही नहेीं है बल्कि खेल के माध्यम से सामप्रदायिक सौहार्द को भी बढ़ावा मिलता है और देश की अखण्डता को शक्ति प्रदान होती है, क्योंकि देश-विदशों में होने वाली खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी अपने क्षेत्र, वर्ग, सम्प्रदाय, जाति या धर्म के लिए नहीं खेलता बल्कि उसका एक मात्र उद्देश्य यह होता है कि वह जीत कर अपने देश का नाम रोशन करे। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा खेेेेल प्रतियोगिता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार किये जाने वाले खेलों के आयोजन से छात्र एवं छात्राअेां में विश्वास और उत्साह पैदा होगा और उनकी प्रतिभाओं का उदय भी सम्भव हो सकेगा। उन्होंने निर्देश दिये कि शिक्षा और खेल को इस प्रकार नियोजित किया जाए कि न तो शिक्षा से खेल प्रभावित होने पाये और न ही खेल से शिक्षा की गुणवत्ता में कोई गिरावट आ सके। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा से संबंधित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

बिजनौर। जिलाधिकारी जगतराज ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा मानव जीवन में बुनियादी महत्व रखती है, ये शिक्षा जितनी गुणवत्तापरक होगी उतना ही उसका प्रभाव जीवन पर पड़ेगा। उन्होंने सभी शिक्षकगणों का आहवान किया कि वे स्कूलों में मौजूद विद्यार्थियों को अपना बेटा-बेटी समझ कर शिक्षा ग्रहण करायें और शिक्षा के साथ साथ उनमें छुपी हुयी खेल आदि प्रतिभाओं को भी उभारें। उन्होंने कहा कि जिला बिजनौर जब ओडीएफ के क्षेत्र में प्रदेश में माॅडल बन सकता है तो क्या कारण…