तेजाब एंव दहेज से जली महिलाओं को लाभान्वित किया जाए: डीएम

बिजनौर। जिलाधिकारी जगतराज ने जिला विकलांग कल्याण अधिकारी को निर्देश दिये कि तेजाब से जलने वाली महिलाओं तथा दहेज के कारण जलने की शिकार महिलाओं के प्रकरणों की जांच के बाद ही पीडिघ्त महिला अथवा महिला के आश्रितों को उ0प्र0 रानी लक्ष्मी बाई महिला सम्मान कोष योजना से लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। उन्होनें कहा कि तेजाब से जलने वाले मामलों में मेडिकल बोर्ड द्वारा स्वीकृति को आधार तथा दहेज के प्रकरणों में मेडिकल बोर्ड की स्वीकृति के साथ पोस्ट मार्टम रिपेार्ट एवं चार्जशीट के अध्यन के बाद और शासन के निर्देशों के अनुरूप ही लाभार्थियों को उक्त योजना से लाभान्वित करने का निर्णय लिया जाए ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि का अंदेशा न रहे और पीडिघ्त महिला एवं आश्रितों को आर्थिक लाभ उपलब्ध कराया जा सके।




जिलाधिकारी जगतराज अपने कैम्प कार्यालय में जिला स्टेयरिंग कमेटी की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे। उन्होनें कहा कि जिला प्रशासन की मंशा है कि शासकीय योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को निश्चित रूप से प्राप्त हो लेकिन कोई भी अपात्र व्यक्ति योजना से लाभान्वित होकर किसी पात्र व्यक्ति का हक न मार सके। जिलाधिकारी द्वारा आज की बैठक में विचारोरांत 326ए के चार मामलों में पीडितों को राहत की धनराशि उपलब्ध कराने के लिए स्वीकृति प्रदान की गयी और 304बी के मामलों में आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण बाद में विचार के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिये। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक श्री बेग, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 सुखवीर सिंह, मुख्य कोषाधिकारी अनवर अहमद, जिला समाज कल्याण अधिकारी अजय गोस्वामी के अलावा अन्य संबंधित अ धिकारी मौजूद थे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट