आंगनबाड़ी केन्द्र पहुंचकर डीएम ने गर्भवती महिलाओं एंव बच्चों को पुष्टाहार परोसा

बिजनौर। जिलाधिकारी जगतराज नेे राज्य पोषण मिशन के तहत गोद लिए ग्राम हसनपुर में आंगनबाड़ी केन्द्र में अतिकुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में विगत माह के सापेक्ष सुधार न पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार न होना इस बात को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त है कि स्वास्थ्य एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरतापर्वूक नहीं किया जा रहा है। उन्होनंे चेतावनी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि कि आगामी माह तक इस केन्द्र के सभी बच्चे अतिकुपोषित श्रेणी से बाहर आने चाहिऐं। निरीक्षण के दौरान ग्राम बौरेकी में एक महिला का ब्लडप्रेशर कम पाये जाने तथा अधिकतर महिलाअेां में रक्त की कमी पाये जाने पर उन्होनंे निर्देश दिये कि जिन महिलाओं का हीमोग्लोबीन 10 से कम है, उन पर विशेष ध्यान देते हुए आयरन आदि रक्त एवं स्वास्थ्यर्वधक दवाओं का प्रयोग कराना सुनिश्चित किया जाए।




जिलाधिकारी जगतराज आज पूर्वान्ह राज्य पोषण मिशन के तहत गोद लिए गांव बौरेकी और हसनपुर स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने ग्राम बौरेकी में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण करते हुए कुपोषित बच्चा न पाये जाने पर संतोष का इज़हार किया। गर्भवती महिलाअेां के स्वास्थ्य जांच से संबंधित पंजिका का निरीक्षण करने पर उन्होनंे पाया कि एक गर्भवती महिला का ब्लडप्रेशर निरन्तर रूप से 100-60 चल रहा है, जबकि केन्द्र में पंजीकृत कुल 26 गर्भतवी महिलाअेां में 16 महिलाओं में रक्त की कमी पाई गयी।

उन्होंने तत्काल उपस्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि गर्भवती महिला में कम ब्लडप्रेशर का पाया जाना उसके स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन सकता है और एनिमिक बने रहने से प्रसव के समय भारी दिक्कत का सबब होगा अतः समय रहते सभी आवश्यक उपाय किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने केन्द्र में मौजूद छोटे-छोटे बच्चों को अपने हाथों से पुष्टाहार परोसा। इस अवसर पर उन्होनंे गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार वितरित करते हुए उन्होनंे उनके स्वास्थ्य और नियमित जांच के बारे में जानकारी प्राप्त की, जिस पर सभी महिलाओं द्वारा संतोष व्यक्त किया गया।




ग्राम हसनपुर में आंगनबाड़ी केन्द्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा संज्ञान में आया कि केन्द्र में पंजीकृत कुल 31 बच्चों में 05 अतिकुपोषित, 22 कुपोषित तथा मात्र 4 सामान्य अवस्था में हैं। विगत माह में किये गये निरीक्षण में भी पांच बच्चे अतिकुपोषित पाये गये थे। उन्होनंे विगत माह के सापेक्ष इस माह में भी बच्चों के स्वास्थ्य में कोई सुधार न पाये जाने पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की और निर्देश दिये कि जिला कार्यक्रम अधिकारी एंव मुख्य चिकित्साधिकारी इस केन्द्र पर स्वयं उपस्थित हो कर बाल विकास एवं स्वास्थ्य कर्मियों के कार्याे का निरीक्षण करें और पांचों बच्चों को अतिकुपाषित श्रेणी से बाहर लाना सुनिश्ेिचत करें। इसके अलावा उन्होनंे सभी गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोलियां तथा अन्य आवश्यक दवायें देने के निर्देश दिये ताकि प्रसव से पहले उनके शरीर में रक्त की कमी न रहे। उन्होनंे यहां भी गर्भवती महिलाअेां एवं बच्चों को अपने हाथों से पुष्टाहार एवं फल परोसे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा0इन्द्रमणि त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 सुखवीर सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

Loading...