बैंकों की लाइनो में खडी जनता चुनाव में सिखाएगी सबक

बिजनौर/चांदपुर। बैंको मे नोट बंदी के चलते और अब एक हजार रू. का नोट नही बदले जाने को लेकर क्षेत्रीय जनता ने अपना रोष जताते हुए इस सबका बदला चुनावो मे लेने का मन बना लिया है। जनता की माने तो उसका कहना है कि किसी भी बैंक मे कौन सा बड़ा आदमी लाईन मे है आम आदमी ही लाईन मे है।




सोमवार के दिन चांदपुर मे नगर के सारे बाजार बे रौनक रहे नगर का मीना बाजार(जामा मस्जिद) बाजार जहां प्रति दिन लाखेा रू.का बिजनैस होता था सैकड़ो पर आ गया है, किसी किसी दुकानदार के पास तो 100 रू. का एक भी ग्राहक नही पहुंच पा रहा है। जनता की माने तो छोटा नोट नही होने के कारण 2 हजार रू. का नोट भी उनसे तो बेकार है, गरीब मजदूर अपनी मजदूरी न मिलने से परेशान है। दुकानदार अपनी ठप्प होती जा रही दुकानदारी को लेकर चिंतित है। मघ्यम वर्ग को भी अब खर्चे उठाने मे दिक्कते आने लगी है किसी के पास इतना नोट नही है कि वह लगातार साभी सामान खरीद सके।




एक दुकानदार ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसकी प्रति दिन की दुकानदारी लगभग 50 से 60 हजार रू. तक की थी आज उसकी दुकानदारी मात्र 8 से 10 हजार रू. तक की रह गयी है। बैट्री रिैक्शा चलाने वालो के पास भी काम घट कर शून्य होता जा रहा है। उधर ट्रको से रेत, बजरी उतारने वाले मजदूर, राज मजदूरो के साथ काम करने वाले मजदूर अपनी रोजी रोटी न मिल पाने से अब सड़को पर आते जा रहे है।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट