परिवहन विभाग द्वारा करोडों की लागत से बना बस स्टैण्ड मंडप मे तब्दील

Bijnor News 440

बिजनौर/नहटौर। उ.प्र.परिवहन द्वारा करोडों की लागत से बनाया गया नहटौर रोडवेज बस स्टैण्ड विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते मंगनी मंडप बनकर रह गया है। कर्मचारियों की नियुक्ति न होने के कारण पूरे दिन में एक भी बस इसमे नहीं आती जिससे यह बस अड्डा बीरान पडा रहता है तथा आम पब्लिक इसका उपयोग सही गलत कामों के लिये करने लगी है। स्थानीय लोगों ने विभाग से बस अड्डे को सुचारू कराने की माँग की है।




एक जमाना था कि जब नहटौर का रोडवेज बस अड्डा गुलजार रहा करता था। प्रत्येक बस अड्डे में अपनी आमद दर्ज कराकर जाती थी! उस दौरान यात्री रोडवेज बस पकडने के लिये इस अड्डे पर पहुंचते थे। यात्रियों की सुविधा के लिये बाकायदा कैंटीन भी खोली गई थी! परन्तु आज जब यात्रियों व रोडवेज बसों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है तो वहीं रोडवेज बस अड्डा आज अपनी दुर्दशा पर आंसु बहा रहा है। आज रोडवेज बस अड्डा बीरान पडा रहता है। यहाँ से पूरे दिन में एक बस भी होकर नहीं गुजरती और न ही कोई कर्मचारी नियुक्त है।

ऐसे में खाली पडा यह अड्डा उन लोगों के लिये मुफीद साबित हो रहा है जिनके पास मंडप का खर्च उठाने के लिये पैसे नहीं हैं और उन्हें अपनी बेटी वर पक्ष को दिखानी है। इस प्रकार बीरान पडे इस अड्डे का उपयोग आज लोग मंगनी मंडप के रूप में कर रहे हैं। सूत्रों पर विश्वास करें तो हर सप्ताह कई मंगनी इस बीरान पडे बस अड्डे में होती हैं। दरअसल देहात क्षेत्र में शादी के लिये लडकी दिखाने की परम्परा जोरों पर है परन्तु वर पक्ष के लोग लडकी को रिजेक्ट न कर दें इस डर से कोई भी लडकी वाला वर पक्ष को अपने घर नहीं बुलाना चाहता क्योंकि उन्हें डर रहता है कि यदि वर पक्ष ने लडकी को रिजेक्ट कर दिया तो उनकी बिरादरी, गाँव व समाज में किरकिरी होगी।




इसी को दृष्टिगत रखते हुए कुछ लोग तो अपनी नगर की किसी रिश्तेदारी में लडकी दिखा देते हैं परन्तु जिसकी नगर में रिश्तेदारी नहीं है ऐसे लोग लडकी दिखाने के लिये रोडवेज बस अड्डे को ही मुफीद मानते हैं और यदि वर पक्ष को लडकी पसंद आ जाये तो लगे हाथ लडकी को अंगुठी पहनाकर व कपडे देकर मंगनी की रश्म पूरी कर देते हैं। उधर उक्त अड्डे पर कर्मचारी की नियुक्ति न होने के कारण नहटौर से होकर गुजरने वाली शॉर्ट व लॉग रूट की सभी बसें रोडवेज अड्डे के बाहर व हल्दौर चौराहा चौराहा आदि से सबारी भरकर अपने गणतव्य को रवाना हो जाती हैं।

ऐसे में उक्त अड्डा शोपीस बनकर रह गया है। सचिन त्यागी, मनोज शर्मा, सोबिन्द्र कुमार, आबिद मंसूरी, प्रदीप त्यागी, औवेस मंसूरी, फिरोज अंसारी, नीरज चौधरी, रासु चौधरी, दानिश अंसारी, नन्दराम सिंह आदि स्थानीय नागरिकों ने विभाग से बस अड्डे की व्यवस्था को सुचारू करने की माँग की है।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

बिजनौर/नहटौर। उ.प्र.परिवहन द्वारा करोडों की लागत से बनाया गया नहटौर रोडवेज बस स्टैण्ड विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते मंगनी मंडप बनकर रह गया है। कर्मचारियों की नियुक्ति न होने के कारण पूरे दिन में एक भी बस इसमे नहीं आती जिससे यह बस अड्डा बीरान पडा रहता है तथा आम पब्लिक इसका उपयोग सही गलत कामों के लिये करने लगी है। स्थानीय लोगों ने विभाग से बस अड्डे को सुचारू कराने की माँग की है। एक जमाना था कि…