असहाय महिला-पुरूषों को खाद्य सामग्री एवं आवश्यक वस्तुओं की किट वितरित

बिजनौर। जिला अधिकारी जगतराज ने कहा कि जिस समाज में अपने वृहद्व माता-पिता और बर्जुगों का सम्मान नहीं किया जाता और उनकी सेवा नहीं की जाती वह समाज नैतिक और मानवीय मूल्यरहित समाज बन कर प्रकृति के विपरीत हो जाता है और यह सर्वज्ञापी है कि प्रकृति के विपरीत हो कर कोई भी चीज अपने अस्तित्व को बचाने में विफल होती है। उन्होनंे कहा कि इंसान तभी इंसान बन सकता है जब उसमें नैतिक मूल्य हों और उसके आचार एवं कर्माे से उसका व्यवहारिक प्रर्दशन भी होता हो। उन्होंने कहा कि भौतिकता के इस युग में धार्मिक और नैतिक शिक्षा के अभाव में मानव में इन्हीं मानवीय मूल्यों क पतन हो रहा है, जो वास्तव में इंसान को इंसान बनाने और बनाये रखने में सक्षम है।




जिलाधिकारी कल प्रातः 10.30 बजे जजी चौक स्थित वरिष्ठ नागरिक समिति (संगठन) पंजीकृत बिजनौर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में समाज के असहाय और निर्धन वृहद्व महिला एवं पुरूषों को मासिक निःशुल्क खाद्य सामग्री की किट वितरित करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में धार्मिक शिक्षा प्राप्त करना और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि उनमें ही सही रूप में नैतिक और मनवीय मूल्य पर आधारित दिशा निर्देश निहित होते हैं।

भारत विभन्नि धर्माे और मान्यताओं पर आधारित देश है और कोई भी धर्म ऐसा नहीं है, जिस में माता-पिता की सेवा को परमपुण्य और मोक्ष का माध्यम न कहा गया हो इसके अलावा धार्मिक शिक्षा ही मानव में ऐसे नेतिक गुण और विचार उत्पन्न करती हैं, जिससे उसके मन-मस्तिष्क में न केवल अपने माता-पिता और बर्जुगों के लिए सम्मान पैदा होता है, बल्कि उसके आचार एवं विचार में मानवीय गुणों का समावेश हो जाता है, जो उसे सभी इंसानों के लिए आदर व सम्मन के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिक समिति के कार्याे की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा किये जाने वाले इस पुण्य कार्य में जितनी भी प्रशंसा की जाए उतनी ही कम होगी। जिलाधिकारी द्वारा इस अवसर पर 15 असहाय और निर्धन महिला-पुरूषों को




खाद्य सामग्री एवं आवश्यक वस्तुओं पर आधारित किटें वितरित की गयीं। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक समिति के अध्यक्ष जसवंत सिंह, सदस्य एवं वरष्ठि पत्रकार जयनारायण अरूण के अलावा अन्य सदस्यगण मौजूद थे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट