लापरवाह तीन चिकित्सा अधिकारियों को नोटिस देने के डीएम ने निर्देश दिये

बिजनौर। जिला अधिकारी जगतराज ने जननी सुरक्षा योजना, जच्चा बच्चा टीकाकरण, आशा एवं गर्भवती महिलाओं को भुगतान तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में न्यूनतम प्रगति करने वाले तीन चिकित्साधिकारियों को नोटिस जारी करनेे के निर्देश दिये तथा विगत माह हब कटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दिये गये निर्देशों का अनुपालन न करने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी जलीलपुर को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। इसी के साथ उन्होने यह भी चेतावनी दी कि स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की निराशजनक प्रगति के कारण जिला को प्रदेश में सम्मानजनक स्थान नहीं मिल पा रहा है अतरू जिस स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी के कार्य में लापरवाही और शिथिलता प्रकाश में आती है उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को लिखा जाएगा। उन्होनें निर्देश दिये कि आशा का शत प्रतिशत भुगतान एवं जननी सुरक्षा योजना की लाभार्थी महिला को 90 प्रतिशत भुगतान करना सुनिश्चित किया जाए।




उन्होनें कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियेां की शिथिलता एवं लापरवाही की वजह से जिला बिजनौर प्रदेश स्तर बहुत पिछड़ रहा है, अधिकतर योजना में जिले को डी श्रेणी प्राप्त हो रही है, जो कि बहुत ही खेद का विषय का है। उन्हेांने कहा कि उनके लगातार निर्देश और सुझाव के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कार्यो की प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है, जिस का स्पष्ट मतलब यह है कि उनके निर्देशों को गम्भीरतापूर्वक नहीं लिया जा रहा है। उन्होनें चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी बैठक में यदि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति में सम्मानजनक सुधार नहीं होता है तो संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारी एंव नोडल अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी और उनके विरूद्व शासन को लिखा जाएगा। उन्हेांने सीएमओ को निर्देश दिये कि जिस डाटा फीडिंग ऑपरेटर की परफार्मेंस ठीक नहीं पाई जाए, नोटिस जारी कर उनकी सेवा समाप्त करने की कार्यवाही करें। इसी के साथ उन्होनें कड़े निर्देश दिये कि अगले माह आयोजित होने वाली जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक से पूर्व जननी सुरक्षा योजना की लाभार्थियों का शत प्रतिशत बैंक में खाता खुलवाना, निर्धारित भुगतान तथा एमसीटीसी पोर्टल पर माता तथा बच्चे का रजिस्ट्रेशन एवं डाटा एन्ट्री किया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा उन्हेानें मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप संचालित कराना सुनिश्चित करें और लापरवाही करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्व कार्यवाही अमल में लायें।




उन्होनें कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को अच्छी और गुणवत्तापरक निरूशुल्क स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने के प्रति अति संवेदनशील और गंभीर है और प्रयासरत है कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ हर वर्ग को प्राप्त हो। उन्होनें कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र किरतपुर में विगत दिनों उनके द्वारा किये गए निरीक्षण के दौरान एम्बुलेंस चालकों द्वारा मरीजों से रूपये लिये जाने का मामला प्रकाश में आया था। उन्हेांने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि इस शिकायत की पुनवृत्ति होने पर संबंधित एम्बुलेंस के चालक और नोडल अधिकारी एम्बुलेंस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होनें सभी प्रा0 एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति न करने, स्वास्थ्य कार्यक्रमों को पूरी गम्भीरता और गुणवत्ता के साथ संचालित ने करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। जिला अधिकारी जगतराज ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि जिले में जननी सुरक्षा योजना का संचालन पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप करें और प्राथमिक एंव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की विश्वसनीयता को बढ़ाना सुनिश्चित करें ताकि प्राईवेट नर्सिगं होम में प्रसव कराने का जन सामान्य का रूझान कम से कम से हो सके। उन्होनें सभी एमओआईसी को चेतावनी देते हुए कहा कि अपने कार्य में अपेक्षित सुधार लायें अन्यथा जिस प्राथमिक अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मानक से कम प्रसव होना पाए जाने पर संबंधित के विरूद्व कार्यवाही की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 सुखवीर सिंह, परियोजना निदेशक हीरालाल, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 राजकुमार, डा0 प्रमोद कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी बृजभूषण के अलावा सभी उप मुख्य चिकित्साधिकारी तथा एमओआईसी मौजूद थे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट