हर मुसलमान का इस्लाम की शिक्षा पर अमल करना फर्ज: कुमैली

बिजनौर। इमाम हुसैन ने सत्यता का संदेश दिया। इस्लाम की शिक्षा पर अमल करना हर मुसलमान का फर्ज है। यह बात सालाना मजलिस ए अजा में जाकिर-ए-अहलेबैत मौलाना डाक्टर सैयद हसन कुमैली ने कही। मौहल्ला नई बस्ती स्थित सैयद मुस्तफा कमाल एडवोकेट के आवास पर आयोजित मजलिस में कुमैली ने कहा कि लोगों को परामर्श दिया कि वह कर्बला न जाएं, बल्कि मदीने में ही रहे। यह वक्त मदीने में बैठने और मस्जिद में नमाज अदा करने का नहीं है, बल्कि नान मोहम्मद मुस्तफा के दीन को बचाने का वक्त है। इमाम हुसैन को धन-दौलत की जरुरत नहीं थी। बल्कि उन्हें सच्चे धर्म के अस्तित्व को बचाने की ङ्क्षचता थी।



इसे अनिवार्य मानते हुए वह छोटे-छोटे बच्चों को लेकर कर्बला के मैदान में पहुंच गये। उन्होंने अपने बेटे हजरत अली अकबर और हजरत अली असगर को दीन पर फिदा करके बता दिया कि लोग दीन की कीमत को पहचानेंगे तो उन्हें इस्लाम की कीमत समझ में आयेगी। उन्होंने कहा कि जैनब न होती तो कर्बला की पहचान न होती।




मजलिस के दौरान सैयद मजहर हुसैन और साथियों ने सोजख्वनी की। सैयद हसन मेहंदी ने अंजुमन ए हैदरी, वहलाना ने नोहाख्वानी, सैयद रजा नकवी ने सलाम ए अकीदत पेश किया। मजलिस का संचालन कमर फंदेड़वी ने किया। मजलिस के आयोजन में सैयद अली इमाम, मुस्तफा कमाल एडवोकेट, मोहम्मद जायर कमरूल हसन, साहिल बिजनौरी, अतहर हुसैन, हसन मुस्तफा, मौलाना निहाल हैदर, जावेद जैदी, मोहम्मद जाफर व मोहम्मद नकी आदि ने भाग लिया।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

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