दिन ढलते ही छाया कोहरा, सफेद चादर ने सब कुछ अपने में समाया

बिजनौर। दिन ढलते ही घना कोहरा आया और सफेद चादर ने सब कुछ अपने में समा लिया। रातभर कोहरे ने भीषण रूप धरा रखा, लेकिन सुबह होने पर छट गया। कोहरे के कारण सर्दी बढने से बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल गए। सर्दी का मौसम शुरू होने के बाद कोहरे ने पहली बार लगातार दूसरे दिन अपना रंग नहीं दिखाया है। मंगलवार को दिन ढलने के बाद ही भीषण कोहरा छा गया।




कोहरा इतना घना हुआ कि लोगों को चंद कदमों की दूरी का भी दिखाई देना बंद हो गया। रातभर कोहरे का यही हाल रहा। लोगों की रात सुबह के बारे में सोचकर बीत गई। गनीमत रही कि सुबह होने पर कोहरे ने रहम दिखाया। बुधवार सुबह करीब सात बजे तक भीषण कोहरा रहा, लेकिन उसके बाद कम होना शुरू हो गया। करीब नौ बजे तक लगभग कोहरा पूरी तरह गायब हो गया और आसमान साफ हो गया। अधिकांश स्कूली बच्चों को कोहरे से जूझकर ही स्कूल जाना पड़ा, वहीं कोहरे के कारण बढ़ी सर्दी ने बच्चों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।

Bijnor News 463 :

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

बिजनौर। दिन ढलते ही घना कोहरा आया और सफेद चादर ने सब कुछ अपने में समा लिया। रातभर कोहरे ने भीषण रूप धरा रखा, लेकिन सुबह होने पर छट गया। कोहरे के कारण सर्दी बढने से बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल गए। सर्दी का मौसम शुरू होने के बाद कोहरे ने पहली बार लगातार दूसरे दिन अपना रंग नहीं दिखाया है। मंगलवार को दिन ढलने के बाद ही भीषण कोहरा छा गया। कोहरा इतना घना हुआ कि लोगों को चंद कदमों की दूरी का भी दिखाई देना बंद हो गया। रातभर कोहरे का यही हाल रहा। लोगों की रात सुबह के बारे में सोचकर बीत गई। गनीमत रही कि सुबह होने पर कोहरे ने रहम दिखाया। बुधवार सुबह करीब सात बजे तक भीषण कोहरा रहा, लेकिन उसके बाद कम होना शुरू हो गया। करीब नौ बजे तक लगभग कोहरा पूरी तरह गायब हो गया और आसमान साफ हो गया। अधिकांश स्कूली बच्चों को कोहरे से जूझकर ही स्कूल जाना पड़ा, वहीं कोहरे के कारण बढ़ी सर्दी ने बच्चों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट