बैंक कर्मचारियों के उत्पीडन से तंग लोगों ने लगाया जाम, लावा बनकर फूटा गुस्सा

बिजनौर/बढापुर। केन्द्र सरकार के हजार पांच सौ के नोट बंद करने के फैसले के बाद बैंक कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे जनता उत्पीडन से परेशान पब्लिक का गुस्सा बुधवार को लावा बनकर फूट पडा। जनता ने बैंक से कैश न मिलने के कारण एक मात्र नगीना बढापुर मार्ग को पूरी तरह से बंद कर चक्का जाम कर दिया जिस कारण सडको पर दोड रहे सेकडों वाहनों के पहिये थम गये। जनता के आक्रोश को देखकर बैंक कर्मी और पुलिस ने जनता से भिडना ग्ंवारा नही किया और बैंक मे ही शांति से बैठे रहे जबकि खाता धारक बैंक प्रबन्धक पर काला धन को सफेद करने की बात कहकर प्रबन्धक के खिलाफ नारेबाजी करते रहै। हालात काबू से बाहर देख कोतवाली नगीना व बिजनौर से पुलिस बल मौके पर पहुंच गये।




बैंक मे कैश आने के बाद ही ग्रामीणों ने जाम खोला।

हजार पांच सौ के नोट बंद होने के बाद से परेशान जनता दिन प्रतिदिन सुधार की आस लगाये अपनी दिनचर्या मे लगी हुई थी परन्तु हालत बद से बदतर होने पर जनता का आक्रोश लावा बनकर फूट पडा। जिस कारण थाना क्षेत्र के गांव फूलनगर मे सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की एक मात्र शाखा है जिस पर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसान निर्भर है। जिस कारण दर्जनों गांव के किसान नोटबंदी के बाद से ही भूखमरी के कगार पर पहुंच गये थे परन्तु सरकार के फैसले मे फेरबदल होने के बाद सर्व यूपी ग्रामीण बैंक ने जब किसानों के खाते मे जमा रकम देना शुरू किया परन्तु बैंक द्वारा किसानों को हजार पांच सौ रू ही दिये जाने के बाद से किसान हालत सुधरने के आस लगाये खेतीबाडी छोड कर रोज बैंक की लम्बी कतारों मे लग जाते परन्तु दिन प्रतिदिन हालत सुधरने के ब्जाये और बिगडने पर किसानो के अन्दर पनप रहा आका्रेश बुधवार को लावा बनकर फूट पडा और किसानों ने बैंक खुलने के बाद कैश न होने की बात सुनकर नगीना बढापुर मार्ग को बंद कर चक्का जाम कर दिया।




रोड बंद होने के कारण सेंकडो वाहनों के पहिये थम गये और वाहनों की लम्बी कतारें कई किमी0 तक लग गई सूचना पर पहुची बढापुर पुलिस ने किसानों को समझाने का बहुत प्रयास किया परन्तु किसान किसी भी प्रकार से मानने को तैयार नही थे। किसान उमेश चन्द शर्मा ने बैंक प्रबन्धक विजय कुमार पर काला धन सफेद करने का आरोप लगाते हुए बताया कि विजय कुमार कैश आने के बाद भी अनपढ किसानों को चंद रू बाटने के बाद टरका देता है और बकाया कैश को प्रभावशाली व्यक्तियों को दस प्रतिशत का हिस्सा लेकर बदल देता है। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के महिला विंग की जिला महासचिव उर्मीला चौहान ने नेतृृत्व करते हुए साढे चार घंटे नगीना बढापुर मार्ग को बंद रखा दोपहर साढे तीन बजे कैश आने के बाद ही किसान मार्ग से हटे। जबकि भीड को नियंत्रित करने के लिए थाना नगीना और बिजनौर से पुलिस बल को बुलाया गया था। बैंक प्रबन्धक विजय कुमार ने अपने उपर लगे आरोपों को निराधार बताया और कहा कि सरकार के नोटबंदी के फेसले के बाद से बैंक मे केवल पांच बार मे लगभग दस लाख रूपये का कैश ही आ पाया है जिस कारण खाताधारकों को परेशानी का सामना करना पड रहा है यदि कैश पर्याप्त मिलता तो शायद परेशानी न होती। वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि खाताधारक किसानों को समझाने का प्रयास किया गया परन्तु वह कैश आने तक मार्ग से न हटने की बात पर अडे रहे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट