सुप्रीम कोर्ट से बसपा विधायक को बडी राहत, समर्थकों में खुशी

बिजनौर। सुप्रीम कोर्ट की ओर से चांदपुर के बसपा विधायक इकबाल ठेकेदार के खिलाफ दायर एसएलपी खारिज किए जाने से बसपाईयों में खुशी का माहौल है। विधायक पर गैर कानूनी तौर पर धनराशि लेकर समानांतर कोर्ट चलाने का आरोप लगाया गया था। हाईकोर्ट इलाहाबाद में दायर रिट निरस्त होने के बाद सुप्रीम कोर्ट की शरण ली गई थी। कोर्ट के निर्णय के बाद विधायक समर्थकों ने मिठाई बांटी।




चांदपुर के एक सपा नेता ने 14 अक्टूबर 09 को हाईकोर्ट इलाहाबाद में चांदपुर विधायक इकबाल ठेकेदार के खिलाफ रिट दायर की। रिट में आरोप लगाया था कि चांदपुर विधायक समानांतर अदालत लगाकर दो पक्षों के बीच चल रहे मुकदमों की सुनवाई करते हैं और इसमें पक्षकारों से फीस के तौर पर रुपये लिए जाते हैं। यह भी आरोप लगाया गया था कि समानांतर अदालत में प्रशासन के साथ शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मामलों में भी सुनवाई होती है। इस मामले में एक सीडी भी दाखिल की गई थी, इसमें रुपये का लेनदेन करते दिखाया गया था। चांदपुर विधायक के खिलाफ मामले को लेकर न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया गया था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 अगस्त 10 को चांदपुर विधायक के खिलाफ दायर रिट को खारिज कर दिया था। सपा नेता ने रिट खारिज होने पर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की। सुप्रीम ने एसएलपी पर सुनवाई करते हुए मामले को आधारहीन बताकर चांदपुर विधायक इकबाल ठेकेदार को बड़ी राहत प्रदान की। इस मामले में चांदपुर विधायक इकबाल ठेकेदार ने बताया कि उनके खिलाफ फर्जी आरोप लगाकर कानूनी कार्रवाई की गई जिसे हाईकोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट ने भी गलत ठहराया। उन्होंने किसी भी गैर कानूनी समानांतर अदालत लगाने से इंकार करते हुए बताया कि गांव गल्लाखेड़ी में हुए अग्निकांड में पांच लोग मारे गए और कई घायल हो गए थे।




वह मृतकों व घायलों को मदद के लिए नकद राशि दे रहे थे। विरोधी पक्ष ने इस घटना की सीडी बनाकर उसे पैसों का लेनदेन बता दिया था। सुप्रीम कोर्ट की ओर से बसपा विधायक के खिलाफ दायर एसएलपी खारिज किए जाने से बसपाईयों में खुशी का माहौल है। विधायक समर्थकों ने मिठाई बांटकर जीत का जश्न मनाया।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

Loading...