वसूली के कार्य को लक्ष्य के सापेक्ष पूरा करना सुनिश्चित करें: डीएम

बिजनौर। जिला अधिकारी जगतराज ने एक माह पूर्व दिये गये निर्देशों के बावजूद मतदान स्थलों पर शौचालय एवं पानी की समुचित व्यवस्था न कराने तथा आदेशों को गंभीरता से न लेने पर जिला पंचायत राज अधिकारी के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा भविष्य में इस प्रकार की कोई पुनरावृत्ति होती है तो उनके खिलाफ भारत निर्वाचन आयोग और शासन को लिखा जाएगा। इसी के साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग की कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन द्वारा बजट की उपलब्धता के बावजूद निर्माण कार्य में अनावश्यक विलम्ब करने पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारी के खिलाफ शासन को लिखने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिये। उन्होंने कहा कि विकास कार्याे में किसी भी प्रकार की शिथिलता और अनियमित्ता को बर्दाशत नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी जगतराज आज पूर्वान्ह में विकास भवन के सभागार में आयोजित विकास कार्याे की बैठक की समीक्षा करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गयी है। इस लिए सभी विभागीय अधिकारी कोई नया विकास कार्य न करें और जो कार्य प्रगति पर हैं अथवा जिनकी अनुमति पूर्व में प्राप्त की जा चुकी है, उन सभी कार्याे को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें।




उन्होंने समीक्षा करते हुए पाया कि राष्ट्रीय खाद्यय योजना अधिनियम-2013 में नगरीय क्षेत्र में कार्य पूरा कर लिया गया है जबकि ग्रामीण क्षेत्र डिजिटाईज्ड कार्डाे एवं यूनिटों का कार्य पूरा होने को है। समीक्षा के दौरान पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्वा, विधवा तथा विकलांग पेंशन के लाभार्थियों को आधार कार्ड से लिंक न किया जाना प्रकाश में आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्राथमिकता के आधार पर इस कार्य को पूरा करें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति उक्त योजनाअेां के लाभ से वंचित न रहने पाए। स्वास्थ्य विभाग के तहत विभागीय निर्माण के अपूर्ण कार्य के अलावा जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थियों को भुगतान, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य गारन्टी योजना, नियमिति टीकाकरण योजना, परिवार नियोजन योजना आदि की प्रगति में भारी कमी के कारण जिला बिजनौर डी श्रेणी में होने को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि व्यक्तिगत प्रयास कर उक्त मदों के लक्ष्यों को पूरा कराना सुनिश्चित करें ताकि जिला डी श्रेणी से बाहर आ सके। बेसिक शिक्षा विभाग में विभागीय योजना समाजवादी पौष्टिक आहार योजना के तहत प्राथमिक विद्यालयों में उपस्थिति के सापेक्ष मध्यान्ह भोजन से लाभान्वित छात्रों की प्रगति में अपेक्षित सुधार न होने, उद्यान विभाग की प्रगति, लोनिवि में 50 लाख से अधिक लागत की सड़क निर्माण में पूर्ण परियोजनाओं, जल निगम विभाग की रिबोर हैण्डपम्पों की प्रगति, राजस्व विभाग में आम आदमी बीमा योजना में प्रगति कम पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिये।




जिलाधिकारी जगतराज द्वारा इस अवसर पर कर-करेत्तर की भी समीक्षा की गयी। समीक्षा के दौरान मनोरंजन कर विभाग द्वारा 98 प्रतिशत, परिवहन 95, आबकारी 90, वाणिज्य कर विभाग द्वारा 80 प्रतिशत की प्रगति पायी गयी। विद्युत विभाग द्वारा 50 प्रतिशत से कम प्रगति पाये जाने पर उन्होनंे उपस्थित अधीक्षण अभियन्ता विद्युत को तलब कर वसूली मानक के अनुरूप करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वसूली के कार्य को लक्ष्य के सापेक्ष पूरा करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा0 इन्द्रमणि त्रिपाठी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अमित कुमार सहित सभी विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट