लक्ष्य से कम वसूली होने से पर डीएम ने जतायी नाराजगी

बिजनौर। जिलाधिकारी जगतराज ने तहसील सदर, नगीना एवं नजीबाबाद द्वारा वसूली के सापेक्ष कम लक्ष्य पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को माह के अंत तक निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होनें यह भी निर्देश दिये कि आम आदमी बीमा योजना, सामाजवादी सर्वहित किसान दुर्घटना बीमा योजना के लिए शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा करना सुनिश्चित करें ताकि पात्र व्यक्तियों को इस का भरपूर लाभ प्राप्त हो सके। इसके अलावा उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि कोर्ट कार्य नियमित रूप से करें और पांच एवं तीन साल से अधिक पुराने राजस्व वादों को इसी माह के अंत तक




गुणवत्तापूर्वक निस्तारित करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी जगतराज सायंकाल कलैक्ट्रेट सभागार में मासिक स्टाफ बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कर वसूली का कार्य बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्यों कि कर एवं विभिन्न देयकों से प्राप्त होने वाली धनराशि से अनेक विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। उन्होने उप निबन्धक विभाग की समीक्षा करते हुए राजस्व प्राप्ति की प्रगति में कमी पाये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बैनामों में कमी होने के बावजूद स्टाम्प सेल में कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होने उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि कम स्टाम्प से संबंधित जो मामले जांच के लिए तहसीलों को प्रेषित किये गये हैं, उनकी जांच प्राथमिकता के आधार पर करते हुए इसी माह में निस्तारित करना सुनिश्चित करें, ताकि लक्ष्य में अपेक्षित सुधार लाया जा सके।

जिलाधिकारी जगतराज द्वारा समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये राजस्व वादों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें और सभी अधिकारी अपने न्यायालयों में तीन वर्ष से अधिक अवधि के सभी लम्बित राजस्व वादों का निस्तारण पूर्ण गुणवत्ता के आधार पर करना सुनिश्चित करें। उन्होनें निर्देश दिये कि इसके लिए अपनी तहसीलों की बार एसोसिएशन के साथ बैठक का आयोजन कर अधिवक्ताओं से सहयोग प्राप्त करें।

उन्होनें यह भी निर्देश दिये कि धारा-24 के ज्यादा से ज्यादा मामले नई राजस्व संहिता के तहत दर्ज कर उनके निस्तारण की तत्काल कार्यवाही करें, चूंकि हदबंदी के मामले सहीं तौर पर अथवा समयपूर्वक निस्तारित न होने से ही हिंसा और हत्या सहित बहुत से जघन्य अपराध जन्म लेते हैं, इसलिए सभी उप जिलाधिकारी हदबंदी के वादों को गंभीरता के साथ लेते हुए उस पर तत्काल कार्यवाही करना सुनिश्चित करें और तीन माह की निर्धारित अवधि से पहले निस्तारित करने का प्रयास करें, ताकि समस्या का शांतिपूर्वक समाधान सम्भव हो सके।




समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिये कि आई जी आर एस के अंतर्गत सभी शिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण करना सुनिश्चित करें और कोई भी शिकायत लम्बित न रहने पाए। उन्होनें कहा कि शासन स्तर से शिकायत निस्तारण की समीक्षा की जाती है और उनकी गुणवत्ता की जांच भी की जाती है अतरू कोई भी अधिकारी विभागीय शिकातों के निस्तारण में लापरवाही न बरतें। सभी तहसीलों द्वारा राजस्व का कार्य संतोषजनक पाया गया। उन्होनें सभी उप जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि बड़े बकयादारों की अद्यतन सूची तैयार रखें और जो भी आर सी तहसीलों को प्राप्त होती है, उस की वूसली के लिए तत्काल कार्यवाही प्रारम्भ कर दें। उन्होनें कहा कि आर सी कार्य बहुत ही महत्वपूर्ण है और राजस्व कार्मिकों के वेतन आदि की पूर्ति का यही माध्यम है।

अतरू इस कार्य में लापरवाही अथवा शिथिलता न बरतें। इस अवसर पर विविध देयकों, तहसीलदार, नायब तहसीलदार न्यायालयों में लम्बित वादों, ऑडिट आपत्तियों, शिकायतों का निस्तारण आदि अन्य बिन्दुओं की गहन समीक्षा की गयी। बैठक का संचालन अपर जिलाधिकारी विरा सुरेन्द्रराम द्वारा किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन मदन सिंह सहित सभी उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।