आयुक्त ने निरीक्षण में सब कुछ ठीक पाये जाने पर जिला प्रशासन की पीठ थपथपाई

बिजनौर। मण्डलायुक्त मुरादाबाद मण्डल वैंक्टेश्वर लू ने कहा कि निरीक्षण के समय सुव्यवस्थित अभिलेखों का रखरखाव और सफाई व्यवस्था का पाया जाना इस बात को प्रमाणित करता है कि जिला प्रशासन अपने दायित्वों के निर्वहन के प्रति जागरूक, निष्ठाावान और गंभीर है और समस्त कार्य नियमानुसार सम्पादित करने के प्रति उत्तरदायी है। उन्होनें कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य मात्र त्रुटियों और खामियों को निकालना नहीं होता बल्कि चुस्त एवं सजग प्रशासनिक क्रिया को बल देना भी होता है। मुआयना के माध्य से कार्य में कुशलता और परिपक्वता पैदा होती है, जो बेहतर सुशासन और सुव्यवस्थित कार्यो के क्रियान्वयन के लिए परमावश्यक है।




मण्डलायुक्त लू आज पूर्वान्ह में स्थानीय कलैक्ट्रेट का निरीक्षण करने के बाद कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होनें सर्वप्रथम स्थानीय निकाय कक्ष का निरीक्षण किया जहां सफाई के साथ सभी व्यवस्थायें दुरूस्त पायी गयीं। इस दौरान एलबीसी बाबू द्वारा बताया गया कि नगर पालिका से संबधित जो शिकायती पत्र प्राप्त होते हैं, नगर पालिका द्वारा उनका ससमय उत्तर नहीं दिया जाता जिसके कारण संदर्भो के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब होता है। उन्होनें जिलाधिकारी को निर्देश दिये शिकती पत्रों के गुणवत्तापरक ससमय जवाब उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में पत्र के माध्यम से कड़े निर्देश जारी करें और जिस अधिशासी अधिकारी द्वारा शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब करना पाया जाए उसके विरूद्व कार्यवाही अमल में लायी जाए।

साहुकार पटल का मुआयना करते हुए संज्ञान में आया कि कुछ अपंजीकृत साहुकारों द्वारा आम आदमी से निर्धारित ब्याज से अधिक धनराशि 14 प्रतिशत तक वसूल की जा रही है, जो कि नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने निर्देश दिये कि उक्त सम्बन्ध में जांच करें और जो भी साहुकार मानक से अधिक ब्याज लेता पाया जाए अथवा बिना पंजीकरण ब्याज का कार्य करता हुआ प्रकाश में उसके विरूद्व तत्काल संवैधानिक कार्यवाही अमल में लायी जाए। उन्होनें कहा कि गरीब आदमी का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाशत नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मजिस्ट्रीयल जांच सम्बन्धी दो प्रकरण लम्बित पाए जाने पर उन्होनें अपर जिलाधिकारी विध्रा को निर्देश दिये कि प्राथमिकता के आधार पर उक्त प्रकरणों का निस्तारण करायें ताकि पीडिघ्तों को राहत प्राप्त हो सके।

वैंक्टेशवर लू द्वारा निरीक्षण के दौरान एसएलओ कार्यालय के निरीक्षण के दौरान संज्ञान में आया कि अधिग्रहण की गयी भूमि का 250 करेाड़ रूपये के सापेक्ष अब तक मात्र 77 करोड़ रूपयें का ही भुगतान किया गया है, जो कि बहुत कम है। उन्होनें जिला अधिकारी को निर्देश दिये कि कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त अधिकारी को नियुक्त करें ताकि समयपूर्वक भूमि स्वामियों को उनकी भूमि का मुआवजा दिया जा सके। मा0 आयुक्त श्री लू द्वारा कलैक्ट्रेट में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ और साम्प्रदायिक वातावरण को सौहार्दपूर्ण बनाये रखें। उन्होनें कहा कि आपसी सहयोग और विश्वास के साथ कार्य करने से सभी मतभेद दूर किये जा सकते हैं।




उन्होनें निर्देश दिये कि चुनाव आयोग द्वारा लागू आदर्श आचार संहिता का पालन करायें और अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण सजगता और जिम्मेदारी के साथ अंजाम दें। इस अवसर उन्होंने मतगणना कार्य को पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता और स्वतंत्र रूप से सम्पन्न कराने के भी निर्देश दिये। बैठक में जिलाधिकारी जगतराज द्वारा आयुक्त श्री वैंक्टेशवर को लू को विशवास दिया गया कि उनके निर्देशों का अक्षरतरू पालन सुनिश्चित किया जाएगा और जिले में शांति एंव कानून व्यवस्था को कायम रखते हुए मतगणना कार्य भी आयोग के निर्देशों के अनुपालन में पूर्ण निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराया जाएगा।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट