डीएम ने दिये बिना अनुमति मुख्यालय छोडने पर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश

बिजनौर। जिला अधिकारी जगतराज द्वारा विकास कार्यो की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने तथा बिना उनकी अनुमति के मुख्यालय छोडने पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए तीन अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये। इसके अलावा वर्ष 2014-15 में ब्लॉक जलीलपुर में स्वीकृत 92 इन्दिरा आवास तथा वर्ष 2015-16 में नजीबाबाद ब्लॉक में 5 इन्दिरा आवास योजना में हुयी अनियमित्ता प्रमाणित होने पर संबंधित खण्ड विकास अधिकारी, एडीओ, ग्राम ंपचायत अधिकारी तथा लाभार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा धनराशि की वसूली करने के निर्देश दिये।




उन्होनें यूपीसीएल रूड़की तथा पेकफेड कार्यदायी संस्थाअेां द्वारा मानक के अनुरूप निमार्ण कार्य न करने और निर्धारित अवधि में कार्य पूरा न करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिये कि दोनों संस्थाओं द्वारा कराये गये कार्यो की गुणवत्ता की समिति द्वारा जांच करायी जाए और दोनों संस्थाओं को जिले में कोई भी शासकीय कार्य नहीं कराया जाए। उन्होनें हौसला पोषण कार्यक्रम निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित न होने, गर्भवती महिलाअेां द्वारा केन्द्र पर भोजन तथा हॉटकुक एवं घी उपलब्ध न करने और कुपोषित बच्चों के सम्बन्ध में लापरवाही बरते जाने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को सचेत करते हुए कहा कि शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्यक्रम का संचालन सुनिश्चित करें और जो बजट प्राप्त हुआ है उसका मानक के अनुरूप सदुपयोग करें।

जिलाधिकारी दोपहर 12 बजे विकास भवन के सभागार में विकास कार्यो की मासिक बैठक की समीक्षा करते हुए निर्देश दे रहे थे। समीक्षा के दौरान वृद्वा, विधवा, विकलांग, समाजवादी पेंशन, स्वास्थ्य योजनाओं, राशन कार्ड फीडिंग कार्य, आधार फीडिंग, मनरेगा में उपलब्ध धनराशि का भुगतान कार्य में अपेक्षित प्रगति न पाया जाना प्रकाश में आने पर उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने कार्य में सुधार लायें और लक्ष्यों को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के आधार पर 31 मार्च तक शत प्रतिशत पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्हेानें चेतावनी देते हुए कहा कि पेंशन लाभार्थियों को उनकी पेंशन की अनुपलब्धता के सम्बन्ध में खण्ड विकास अधिकारियों के विरूद्व शासन स्तर पर यदि कोई कार्यवाही निर्धारित होती है तो उसके जिम्मेदार वे स्वयं होगें। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि विकास कार्यो, शौचालय निर्माण तथा अन्य किसी भी कार्य में अनियमित्ता का पाया जाना प्रकाश में आता है तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्व एफआईआर दर्ज कराते हुए उनसे वसूली की कार्यवाही भी की जाएगी।




उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 मार्च तक अपने विभागीय लक्ष्यों को शत प्रतिशत पूरा करना सुनिश्चित करें। कार्यदायी संस्थाओं के कार्यो की समीक्षा के दौरान संज्ञान में आया कि पेकफेड एवं यूपीसीएल रूड़की द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत होने वाले निर्माण कार्यो को न तो समय से पूरा किया है और न ही उनमें मानक का ध्यान रखा गया है, जिस से स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलम्ब हुआ है। उक्त स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए दोनों संस्थाओं को भविष्य मे जिले मे कार्य उपलब्ध न कराने के निर्देश दिये तथा पेकफेड द्वारा विगत बैठकों में कार्य की गुणवत्ता मे अपेक्षित सुधार के सम्बन्ध में सचेत किये जाने के बावजूद संज्ञान न लेने पर उनके विरूद्व प्रमुख सचिव एवं एम0डी0 सहकारिता को लिखने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी श्री जगतराज द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा गया कि उनके बार-बार निर्देशों के निर्गत करने के बावजूद जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा बिना उनकी अनुमति के मुख्यालय छोड़ दिया जाता है, जो कि उनके आदेशों का स्पष्ट उल्लंघन है और अधिकारियों की अनुशासनहीनता को प्रकट करता है।

उन्होनें उप निदेशक कृषि प्रसार, जिला उघ्द्यान अधिकारी तथा भूमि संरक्षण अधिकारी को बिना अनुमति के मुख्यालय छोडने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करतेे हुए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि तीनों अधिकारियों का एक-एक दिन का वेतन काटने की कार्यवाही करें। इसी के साथ ही उन्होनें चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में उनके आदेशों की पुनवृत्ति होने पर संबंधित अधिकारी का वेतन काटने के अलावा उनके विरूद्व अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा0 इन्द्रमणि त्रिपाठी, परियोजना निदेशक डीआरडीए हीरालाल, उपायुक्त एनआरएलएम श्री उपाध्याय के अलावा अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

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