प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चल रहा मात्र एक फार्मेसिस्ट के सहारे

बिजनौर/नहटौर। गांव काजीपुरा में स्थित सह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मात्र एक फार्मेसिस्ट के सहारे चल रहा है। पिछले दो साल से यहाँ चिकित्सक की नियुक्ति न होने के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते गरीब लोग प्राइवेट चिकित्सकों के यहां महंगा इलाज करने को मजबूर है। ग्रामीणों ने विभाग के आला अफसरों से यहां पर चिकित्सक की तैनाती की मांग उठाई है।




नहटौर थाना क्षेत्र के गांव काजीपुरा में साल 2008 में सह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र निर्माण कराया गया था। तब ग्रामीणों को आस जगी थी कि अब उन्हें गांव में ही सस्ता इलाज मिल सकेगा। उन्हें इलाज के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। जब अस्पताल बना था तो यहां पर एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, एक वार्ड ब्वाय व एक सफाई कमचारी की नियुक्ति की गई थी।




बताया जाता है कि दो साल पहले यहां से चिकित्सक का स्थानान्तरण हो गया है। तब से यहां पर तैनात फार्मासिस्ट ही मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें दवाई दे रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। विशाल, महेन्द्र सिंह, राजेन्द्र कुमार, धर्मपाल सिंह, रामवीर सिंह, ओमपाल सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सक न होने के कारण उन्हें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बीमार होने पर उन्हें किसी प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ता है, जहां पर उनसे मनमाने पैसे वसूले जाते है। उन्होने उच्चाधिकारियों से अस्पताल में चिकित्सक की नियुक्ति किये जाने की मांग की है।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

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