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बिजनौर: दंगा पीड़ितों से मिलने पहुंचे यूपी के मंत्री के बिगड़े बोल, मृत मुस्लिम युवक को बताया दंगाई

Bijnore Up Ministers Visit To Meet The Victims Of The Riots Worsened Why Should I Go To The Houses Of Muslim Victims

By टीम पर्दाफाश 
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लखनऊ। मुजफ्फरनगर से बीजेपी विधायक और राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने एक बड़ा ही शर्मनाक बयान दिया है। दरअसल वो हाल ही में सीएए के विरोध में हुए दंगे के पीड़ितों के घर मिलने पहुंचे थे। इस दौरान वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने उनसे बताया कि कुछ मुस्लिम परिवार भी पीड़ित हैं, जिनके घर के सदस्य की पुलिस की गोली से मौत हो गई है। इस पर राज्यमंत्री ने बड़ा ही गैरजिम्मेदारा बयान दे दिया। मंत्री कपिल देव अग्रवाल बिजनौर जिले के नहटौर कस्बे में हुई हिंसा में ज़ख्मी हुए ओमराज सैनी के परिवार से मुलाकात करने के लिए गए थे, और दोनों मौतें भी इसी कस्बे में हुई थीं.

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ओमराज सैनी के परिवार से मिलने के बाद उन्होने एक पत्रकारवार्ता की, जिसमें पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछा कि “सरकार कहती है, ‘सबका साथ, सबका विकास’, लेकिन नहटौर में आप ओमराज सैनी के घर गए… (कांग्रेस नेता) प्रियंका गांधी (वाड्रा) भी उनके परिवार से मिलने गई थीं, लेकिन वह उन परिवारों के पास भी गई थीं, जिनमें मौतें हुईं, और एक की मौत पुलिस की गोली से हुई… इस तरह ‘सबका साथ, सबका विकास’ कैसे होगा…?”

हालाकि इस सवाल के बाद मंत्री ने भेदभाव के आरोप का नकार दिया “मुझे दंगा करने वालों के घरों में क्यों जाना चाहिए… मेरी बात सुनिए, जो दंगा कर रहे हैं, जो भावनाओं को भड़काना चाहते हैं, वे समाज का हिस्सा कैसे हो सकते हैं… मुझे वहां क्यों जाना चाहिए… यह हिन्दू-मुस्लिम के बारे में नहीं है, लेकिन मुझे दंगाइयों के पास क्यों जाना चाहिए…”

ओमराज के परिवार का दावा है कि वह किसी भीड़ का हिस्सा नहीं था, और वह खेतों से लौटते वक्त गोली का शिकार हुआ, जो कथित रूप से किसी दंगाई ने गैरकानूनी हथियार से चलाई थी।

वहीं इस कस्बे में रहने वाले यूपीएसी की तैयारी कर रहे बीस वर्षीय सुलेमान तथा पच्चीस वर्षीय अनस की भी गोली लगने से मौत हुई थी। इस मामले में काफी इंकार करने के बाद पुलिस ने आखिरकार माना था कि सुलेमान की मौत पुलिस की गोली से हुई, और वह उन कथित दंगाइयों में शामिल था, जिन्होंने एक पुलिस वाले पर देसी तमंचे से गोलियां चलाईं, और फिर आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा चलाई गोली का शिकार हो गया। हालाकि सुलेमान के परिवार का कहना है कि सुलेमान विरोध प्रदर्शन में शामिल होेने नहीं गया था।

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