बिसहड़ा कांड: कोर्ट ने कहा सीबीआई जांच का औचित्य नहीं

दादरी: बिसहड़ा कांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने अखलाक हत्या केस में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें जेल में बंद आरोपितों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। इस पर कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा तथा न्यायमूर्ति रेखा दीक्षित की खण्डपीठ ने संजय सिंह की याचिका पर दिया है।




याचिका पर अपर महाधिवक्ता इमरानुल्ला खां व एजीए विकास सहाय ने प्रतिवाद किया। याची का कहना था कि उसने ही पुलिस को घटना की सूचना दी थी, जिस पर वह घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस विवेचना सही ढंग से नहीं हो रही है। राज्य सरकार के दबाव में पुलिस जांच चल रही है।




गोमांस की फोरेंसिक रिपोर्ट को पुलिस विवेचना में शामिल नहीं किया गया। रिपोर्ट केस का आधार है, जिसके आधार पर केस की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। अपर महाधिवक्ता का कहना था कि याचिका पोषणीय नही है। याची न तो परिवादी है और न ही अभियुक्त। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की गयी है। हत्या के आरोप में चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट ने केस पर संज्ञान लेते हुए विचारण शुरू कर दिया है। ऐसे में सीबीआई जांच का औचित्य नहीं है। अभियुक्तगण अर्जी दाखिल कर मुकदमे की सुनवाई उलझाने में लगे हैं।