बीजेपी कार्यकर्ता की मौत, पार्टी का आरोप जय श्री राम बोलने पर की गई थी पिटाई

a.jpeg

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में कथित तौर पर जय श्री राम बोलने के लिए कुछ लोगों ने एक बीजेपी कार्यकर्ता की पिटाई की, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। बीजेपी सूत्रों ने शनिवार को यह बात कही।

Bjp Activist Beaten For Chanting Jai Shree Ram In Bengal Dies :

नादिया जिले के नबद्वीप में स्वरूपनगर का निवासी बीजेपी कार्यकर्ता कृष्णा देबनाथ को शुक्रवार शाम सड़क किनारे पड़ा देख परिवार के सदस्यों ने एक स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसे कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

स्थानीय बीजेपी नेतृत्व ने देबनाथ की हत्या के लिए तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया और वे उसके शव को लेकर नबद्वीप में शनिवार सुबह एक सड़क को लगभग आधा घंटा तक जाम कर दिया। नबद्वीप के एक बीजेपी नेता ने कहा तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने राम का नाम बोलने पर उसकी पिटाई की। तृणमूल हमारे कार्यकर्ताओं को डराने के लिए इस तरह की क्रूरता कर रही है।

हमने सड़क इसलिए जाम कियाए क्योंकि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। घटना के बारे में पूछने पर बीजेपी के राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी पश्चिम बंगाल में जय श्री राम कहने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को पीट रही है जबकि पुलिस उन्हें जेल में डाल रही है।

घोष ने आरोप लगाया टीएमसी दावा करती है कि देश भर में लोगों को जय श्री राम न बोलने पर पीट पीट कर मार डाला जा रहा है लेकिन सच्चाई यह है कि पश्चिम बंगाल में जय श्री राम बोलने पर लोगों पर हमला किया जा रहा है। मार डाला जा रहा है और जेलों में डाला जा रहा है।

स्थानीय तृणमूल नेतृत्व ने हालांकि इस दावे को खारिज कर दिया है पार्टी के ग्राम पंचायत प्रमुखए सिराजुल शेख ने कहा इस घटना का जय श्री राम बोलने से कोई लेनादेना नहीं है। वह व्यक्ति शराब पी रखा था और उसने स्थानीय महिलाओं के साथ दुव्र्यवहार किया जिसके कारण स्थानीय निवासियों ने उसकी पिटाई की। इस घटना से तृणमूल का कोई संबंध नहीं है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में कथित तौर पर जय श्री राम बोलने के लिए कुछ लोगों ने एक बीजेपी कार्यकर्ता की पिटाई की, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। बीजेपी सूत्रों ने शनिवार को यह बात कही। नादिया जिले के नबद्वीप में स्वरूपनगर का निवासी बीजेपी कार्यकर्ता कृष्णा देबनाथ को शुक्रवार शाम सड़क किनारे पड़ा देख परिवार के सदस्यों ने एक स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसे कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। स्थानीय बीजेपी नेतृत्व ने देबनाथ की हत्या के लिए तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया और वे उसके शव को लेकर नबद्वीप में शनिवार सुबह एक सड़क को लगभग आधा घंटा तक जाम कर दिया। नबद्वीप के एक बीजेपी नेता ने कहा तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने राम का नाम बोलने पर उसकी पिटाई की। तृणमूल हमारे कार्यकर्ताओं को डराने के लिए इस तरह की क्रूरता कर रही है। हमने सड़क इसलिए जाम कियाए क्योंकि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। घटना के बारे में पूछने पर बीजेपी के राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी पश्चिम बंगाल में जय श्री राम कहने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को पीट रही है जबकि पुलिस उन्हें जेल में डाल रही है। घोष ने आरोप लगाया टीएमसी दावा करती है कि देश भर में लोगों को जय श्री राम न बोलने पर पीट पीट कर मार डाला जा रहा है लेकिन सच्चाई यह है कि पश्चिम बंगाल में जय श्री राम बोलने पर लोगों पर हमला किया जा रहा है। मार डाला जा रहा है और जेलों में डाला जा रहा है। स्थानीय तृणमूल नेतृत्व ने हालांकि इस दावे को खारिज कर दिया है पार्टी के ग्राम पंचायत प्रमुखए सिराजुल शेख ने कहा इस घटना का जय श्री राम बोलने से कोई लेनादेना नहीं है। वह व्यक्ति शराब पी रखा था और उसने स्थानीय महिलाओं के साथ दुव्र्यवहार किया जिसके कारण स्थानीय निवासियों ने उसकी पिटाई की। इस घटना से तृणमूल का कोई संबंध नहीं है।