ममता बनर्जी पर BJP का तंज, बोले- ‘प्रशांत किशोर जिस कॉलेज के छात्र हैं, अमित शाह उसके प्रिंसिपल हैं’

amit shah
ममता बनर्जी पर BJP का तंज, बोले- 'प्रशांत किशोर जिस कॉलेज के छात्र हैं, अमित शाह उसके प्रिंसिपल हैं'

नई दिल्ली। राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस चीफ ममता बनर्जी के स्ट्रैटजिस्ट होंगे। ममता बनर्जी और प्रशांत किशोर पर हमला बोलते हुए भाजपा के महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के पार्टी प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि किशोर जिस कॉलेज में स्टूडेंट हैं, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह वहां के प्रिंसिपल हैं।

Bjp Chief Amit Shah Principal Of College In Which Prashant Kishor Is Still Student Kailash Vijayvargiya :

भाजपा महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी प्रभारी विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल की जनता का मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर से भरोसा उठ चुका है। इसे कोई भी चुनावी रणनीतिकार बदल नहीं सकता ।

किशोर ने गुरुवार को यहां तृणमूल प्रमुख से मुलाकात की थी, जिससे निकट भविष्य में उनके ममता के साथ काम करने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, ताकि टीएमसी को राज्य में भाजपा के बढ़ते प्रभाव को रोकने और 2021 के विधानसभा चुनाव में बंगाल पर अपनी पकड़ बनाए रखने में मदद मिल सके।

बहरहाल, तृणमूल नेतृत्व और किशोर, दोनों ही इस नियुक्ति के बारे में खुल कर कुछ नहीं बोल रहे हैं। हालांकि, टीएमसी सूत्रों ने बताया कि किशोर के अपनी टीम के साथ जुलाई से बंगाल में काम करने की संभावना है। गौरतलब है कि हालिया लोकसभा चुनाव में राज्य की 42 में 18 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने 22 सीटें हासिल की।

नई दिल्ली। राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस चीफ ममता बनर्जी के स्ट्रैटजिस्ट होंगे। ममता बनर्जी और प्रशांत किशोर पर हमला बोलते हुए भाजपा के महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के पार्टी प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि किशोर जिस कॉलेज में स्टूडेंट हैं, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह वहां के प्रिंसिपल हैं। भाजपा महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी प्रभारी विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल की जनता का मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर से भरोसा उठ चुका है। इसे कोई भी चुनावी रणनीतिकार बदल नहीं सकता । किशोर ने गुरुवार को यहां तृणमूल प्रमुख से मुलाकात की थी, जिससे निकट भविष्य में उनके ममता के साथ काम करने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, ताकि टीएमसी को राज्य में भाजपा के बढ़ते प्रभाव को रोकने और 2021 के विधानसभा चुनाव में बंगाल पर अपनी पकड़ बनाए रखने में मदद मिल सके। बहरहाल, तृणमूल नेतृत्व और किशोर, दोनों ही इस नियुक्ति के बारे में खुल कर कुछ नहीं बोल रहे हैं। हालांकि, टीएमसी सूत्रों ने बताया कि किशोर के अपनी टीम के साथ जुलाई से बंगाल में काम करने की संभावना है। गौरतलब है कि हालिया लोकसभा चुनाव में राज्य की 42 में 18 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने 22 सीटें हासिल की।