दलितों के बाद यूपी के पिछड़ों को साधने में जुटे अमित शाह

लखनऊ। अपने तीन दिवसीय यूपी दौरे पर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को दोपहर का भोजन पार्टी के बूथ कार्यकर्ता सोनू यादव के घर किया। सोनू यादव की पहचान लखनऊ के गोमती नगर स्थि​त जुगौली गांव के बूथ अध्यक्ष के रूप में हुई है। अमित शाह के इस कदम को पिछड़ों की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस फैसले को जातिवादी राजनीति के नजरिए से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। शाह के कदम से पार्टी के छोटे कार्यकर्ताओं का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ेगा। पार्टी के बूथ कार्यकर्ताओं के बीच एक संदेश जाएगा कि उनकी पार्टी का सबसे बड़ा पदाधिकारी छोटे कार्यकर्ताओं का भी ध्यान रखता है।

मिली जानकारी के मुताबिक अमित शाह, सीएम योगी अदित्यनाथ, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्या समेंत यूपी भाजपा के कई मंत्री और सीनियर नेता रविवार को दोपहर के भोजन के लिए सोनू यादव के आवास पर पहुंचे। जहां सभी ने जमीन पर आसन जमाकर दाल, रोटी, सब्जी, चावल और छाछ का सेवन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अमित शाह के आगमन के कार्यक्रम की जानकारी मिलते ही लखनऊ के जिलाधिकारी, एसएसपी और ​स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली तो वहीं ट्रैफिक पुलिस ने जुगौली क्रासिंग से होकर गुजरने वाले ट्रैफिक को कुछ समय के लिए डायवर्ट कर दिया।

अमित शाह के सोनू यादव के घर आने के भले ही अलग अलग कयास लगाए जा रहे हो लेकिन स्थानीय लोगों के बीच यह दौरान चर्चा का विषय रहा। आस पास के लोगों की भीड़ सोनू यादव के घर लगी रही। अमित शाह ने भी मौके पर पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

आपको बता दें कि अमित शाह ने शनिवार को अपना तीन दिवसीय लखनऊ दौरा शुरू किया है। कहा जा रहा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के यूपी सरकार में शामिल होने की वजह से खाली होने जा रहीं गोरखपुर और फूलपुर संसदीय सीटों के उपचुनाव को लेकर रणनीति तैयार करने आए हैं। इसके साथ ही यूपी के 3 अन्य मंत्रियों दिनेश शर्मा, स्वतंत्र देव सिंह और मोहसिन रजा को विधानसभा भेजे जाने की रणनीति पर भी अमित शाह ही अंतिम फैसला लेंगे।