‘राम और नाम’ के सहारे ‘विकास’ को भुला चुनावी मैदान में भाजपा

'राम और नाम' के सहारे 'विकास' को भुला चुनावी मैदान में भाजपा
'राम और नाम' के सहारे 'विकास' को भुला चुनावी मैदान में भाजपा

Bjp Election Not Issue Of Development

नई दिल्ली। केंद्र और राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) लोकसभा चुनाव करीब आते ही अपने चुनावी वादों को भुनाने में जुट गयी है। वहीं विपक्षी दलों ने भाजपा को विकास का वादा भूलकर ‘राम और नाम की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए निशाना साधना शुरू कर दिया है। देश के सबसे बड़े प्रदेश यूपी में कई जिलों के नये नामकरण को लेकर भी योगी सरकार पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगना शुरू हो गया है।

हाल ही में यूपी के इलाहाबाद शहर का नाम ‘प्रयागराज’ किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में काफी शोर हुआ था। अब अन्य शहरों के नाम बदलने की मांग काफी तेज हो गयी है। वहीं लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

कांग्रेस पार्टी भी अब केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है। चुनावी वादों और नौजवानों को नौकरी के नाम पर भाजपा विपक्षियों के निशाने पर आ गयी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी जनसभाओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चुनावी वादों का हिसाब मांगते अक्सर देखे जाते हैं।

मौजूदा स्थितियों के हिसाब से हर बार की तरह इस बार भी भाजपा चुनावी मैदान में हिन्दुत्व के मुद्दे पर जाने की तैयारी में है। वहीं कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अपनी राजनीति चमकाने में जुट गयी है। फिलहाल ये आने वाला समय ही बताएगा कि आखिर कौन आम जनता को लुभाने में कामयाब साबित होगा।

नई दिल्ली। केंद्र और राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) लोकसभा चुनाव करीब आते ही अपने चुनावी वादों को भुनाने में जुट गयी है। वहीं विपक्षी दलों ने भाजपा को विकास का वादा भूलकर 'राम और नाम की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए निशाना साधना शुरू कर दिया है। देश के सबसे बड़े प्रदेश यूपी में कई जिलों के नये नामकरण को लेकर भी योगी सरकार पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगना शुरू हो गया है। हाल…