चन्द्रशेखर रावण ने किया खुलासा, भाजपा ने की थी कैराना से टिकट की पेशकश

chanrashekhaer ravan
चन्द्रशेखर रावण ने किया खुलासा, भाजपा ने की थी कैराना से टिकट की पेशकश

नई दिल्ली। सहारनपुर में चार साल पहले ही गठित हुई भीम सेना को अंतर्राष्ट्रिय स्तर पर ख्याति मिल रही है। भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर रावण सहारनपुर हिंसा के बाद 15 माह की जेलकाट कर गुरुवार देर रात में रिहा किए गए,जिसके बाद वो सत्ताधारी भाजपा पर जमकर निशाना साधा। चन्द्रशेखर आजाद उर्फ रावण का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के डर से उनकी समय से पहले रिहाई करायी है। वो जो समय से पहले​ रिहाई करने का राग अलाप रही है वो मात्र ढकोसला है।

Bjp Give 0ffers To Fight Election From Their Party In Kairana Election :

जेल से रिहा होने के बाद चन्द्रशेखर ने एक के बाद एक कई खुलासे किये हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की तरफ से उन्हें कैराना उपचुनाव में पेशकश की गई थी कि वह चुनाव लड़ें तो उन पर लगी रासुका हटा दी जाएगी। पत्रकारों ने जब उससे पूछा कि ये पेशकश किसने की थी तो उन्होंने जवाब दिया कि याद करके बताऊंगा। उन्होने कहा कि भाजपा अपने दोहरे चरित्र का प्रदर्शन कर समाज को बांटने का काम कर रही है।

पत्रकारों ने पूछा कि कैरान कैराना चुनाव के समय आप चुप क्यों रहे तो उन्होने जवाब दिया कि चूंकि हमारी बुआ मायावती चुप थी, इसलिए हम भी चुप थे। कैराना उपचुनाव के दौरान भाजपा के विधायकों, सांसदों और मंत्रियों ने यहां पर डेरा डाले रखा, लेकिन एक अकेला चन्द्रशेखर उन पर भारी प़ड़ा। उन्होने कहा कि भाजपा से किसी एक पार्टी का जीतना बहुुत ही मुश्किल है,इसलिए विपक्ष को गठबंधन करना ही होगा।

चंन्द्रशेखर ने कहा कि भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न पर उनका गुस्सा साफ जाहिर हो रहा था। रावण का कहना था कि हमारे साथियों पर जुल्म किए गये उन पर रासुका लगायी गई। अब उनकी लड़ाई को लड़ने के काम को आगे बढ़ाऊंगा, जेल से रिहाई का यह फायदा होगा कि अपने रुके हुए कामों को पूरा करूंगा और सभी को एकजुट करूंगा। भाजपा के कारनामों के प्रति लोगों को जागरुक करुंगा।

नई दिल्ली। सहारनपुर में चार साल पहले ही गठित हुई भीम सेना को अंतर्राष्ट्रिय स्तर पर ख्याति मिल रही है। भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर रावण सहारनपुर हिंसा के बाद 15 माह की जेलकाट कर गुरुवार देर रात में रिहा किए गए,जिसके बाद वो सत्ताधारी भाजपा पर जमकर निशाना साधा। चन्द्रशेखर आजाद उर्फ रावण का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के डर से उनकी समय से पहले रिहाई करायी है। वो जो समय से पहले​ रिहाई करने का राग अलाप रही है वो मात्र ढकोसला है। जेल से रिहा होने के बाद चन्द्रशेखर ने एक के बाद एक कई खुलासे किये हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की तरफ से उन्हें कैराना उपचुनाव में पेशकश की गई थी कि वह चुनाव लड़ें तो उन पर लगी रासुका हटा दी जाएगी। पत्रकारों ने जब उससे पूछा कि ये पेशकश किसने की थी तो उन्होंने जवाब दिया कि याद करके बताऊंगा। उन्होने कहा कि भाजपा अपने दोहरे चरित्र का प्रदर्शन कर समाज को बांटने का काम कर रही है। पत्रकारों ने पूछा कि कैरान कैराना चुनाव के समय आप चुप क्यों रहे तो उन्होने जवाब दिया कि चूंकि हमारी बुआ मायावती चुप थी, इसलिए हम भी चुप थे। कैराना उपचुनाव के दौरान भाजपा के विधायकों, सांसदों और मंत्रियों ने यहां पर डेरा डाले रखा, लेकिन एक अकेला चन्द्रशेखर उन पर भारी प़ड़ा। उन्होने कहा कि भाजपा से किसी एक पार्टी का जीतना बहुुत ही मुश्किल है,इसलिए विपक्ष को गठबंधन करना ही होगा। चंन्द्रशेखर ने कहा कि भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न पर उनका गुस्सा साफ जाहिर हो रहा था। रावण का कहना था कि हमारे साथियों पर जुल्म किए गये उन पर रासुका लगायी गई। अब उनकी लड़ाई को लड़ने के काम को आगे बढ़ाऊंगा, जेल से रिहाई का यह फायदा होगा कि अपने रुके हुए कामों को पूरा करूंगा और सभी को एकजुट करूंगा। भाजपा के कारनामों के प्रति लोगों को जागरुक करुंगा।