दागी उम्मीदवारों को टिकट देने में आगे रही भाजपा, पांच वर्षों में बढ़ती ही गई सांसदों की संपत्ति

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दागी उम्मीदवारों को टिकट देने में आगे रही भाजपा, पांच वर्षों में बढ़ती ही गई सांसदों की संपत्ति

लखनऊ। लोकसभा चुनाव में दागी नेताओं को लेकर सवाल उठाने वाली पार्टियां उन्हें टिकट देने से तनिक भी परहेज नहीं करते। पिछली लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार पार्टियों ने ज्यादा दागी नेताओं को टिकट दिया है। इसमें बीजेपी ने सबसे ज्यादा 175 दागी उम्मीदवारों को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि दूसरे नंबर पर कांग्रेस है, जिसने 164 दागी उम्मीदवारों और बसपा ने 85 दागियों को टिकट दिया है।

Bjp Is Ahead In Giving Tickets To Tainted Candidates :

वहीं पिछले पांच वर्षों में देश की आर्थिक विकास दर से अधिकतम 8.2 फीसदी रही है, जबकि देश के सांसदों का खूब आर्थिक विकास हुआ है। पांच सालों में सांसदों की संपत्ति 41 फीसदी बढ़ी है। इसमें भाजपा और कांग्रेस समेत सभी दलों के सांसद शामिल हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स(एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा चुनाव लड़ रहे 338 में से 335 मौजूदा सांसदों की औसत संपत्ति 23.65 करोड़ रुपये है।

लोकसभा चुनाव का सातवां और अंतिम चरण बचा हुआ है। इस बार लोकसभा चुनाव में दागी उम्मीदवरों की संख्या बढ़ी है। करीब 1500 यानि 19 प्रतिशत दागी प्रत्याशी इस पर चुनावी मैदान में हैं। पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में 1404 प्रत्याशी यानी 17 फीसदी दागी उम्मीदवारों को पार्टियों ने अपना प्रत्याशी बनाया था।

एडीआर की रिपोर्ट में बताया गया है कि 1070 उम्मीदवरों पर हत्या, लूट, अपहरण, दुष्कर्म समेत कई अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज है। साल 2014 में 8205 उम्मीदवारों में 908 यानि कि 11 फीसदी उम्मीदवारों पर ऐसे मामले दर्ज थे। इस बार भाजपा ने 175 दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया है। कांग्रेस ने 164 दागी उम्मीदवारों को जबकि बसपा ने 85 दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया है।

वहीं लोकसभा चुनाव 2014 में सासंदों की संपत्ति 16.79 करोड़ रुपये थी। यानी साल में सांसदों की औसत संपत्ति 6.86 करोड़ रुपये बढ़ी है। एडीआर ने 17वीं लोकसभा चुनाव के 8,049 में से 7928 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया है। इनमें 29 फीसदी की संपत्ति एक करोड़ से ज्यादा है। भाजपा के 79 फीसदी, कांग्रेस के 71 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। बसपा के 17 और सपा के आठ प्रत्याशी करोड़पति हैं।

लखनऊ। लोकसभा चुनाव में दागी नेताओं को लेकर सवाल उठाने वाली पार्टियां उन्हें टिकट देने से तनिक भी परहेज नहीं करते। पिछली लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार पार्टियों ने ज्यादा दागी नेताओं को टिकट दिया है। इसमें बीजेपी ने सबसे ज्यादा 175 दागी उम्मीदवारों को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि दूसरे नंबर पर कांग्रेस है, जिसने 164 दागी उम्मीदवारों और बसपा ने 85 दागियों को टिकट दिया है। वहीं पिछले पांच वर्षों में देश की आर्थिक विकास दर से अधिकतम 8.2 फीसदी रही है, जबकि देश के सांसदों का खूब आर्थिक विकास हुआ है। पांच सालों में सांसदों की संपत्ति 41 फीसदी बढ़ी है। इसमें भाजपा और कांग्रेस समेत सभी दलों के सांसद शामिल हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स(एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा चुनाव लड़ रहे 338 में से 335 मौजूदा सांसदों की औसत संपत्ति 23.65 करोड़ रुपये है। लोकसभा चुनाव का सातवां और अंतिम चरण बचा हुआ है। इस बार लोकसभा चुनाव में दागी उम्मीदवरों की संख्या बढ़ी है। करीब 1500 यानि 19 प्रतिशत दागी प्रत्याशी इस पर चुनावी मैदान में हैं। पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में 1404 प्रत्याशी यानी 17 फीसदी दागी उम्मीदवारों को पार्टियों ने अपना प्रत्याशी बनाया था। एडीआर की रिपोर्ट में बताया गया है कि 1070 उम्मीदवरों पर हत्या, लूट, अपहरण, दुष्कर्म समेत कई अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज है। साल 2014 में 8205 उम्मीदवारों में 908 यानि कि 11 फीसदी उम्मीदवारों पर ऐसे मामले दर्ज थे। इस बार भाजपा ने 175 दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया है। कांग्रेस ने 164 दागी उम्मीदवारों को जबकि बसपा ने 85 दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया है। वहीं लोकसभा चुनाव 2014 में सासंदों की संपत्ति 16.79 करोड़ रुपये थी। यानी साल में सांसदों की औसत संपत्ति 6.86 करोड़ रुपये बढ़ी है। एडीआर ने 17वीं लोकसभा चुनाव के 8,049 में से 7928 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया है। इनमें 29 फीसदी की संपत्ति एक करोड़ से ज्यादा है। भाजपा के 79 फीसदी, कांग्रेस के 71 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। बसपा के 17 और सपा के आठ प्रत्याशी करोड़पति हैं।