बीजेपी झूठ की खेती करने में माहिर: सपा

लखनऊ। यूपी की सत्ता से निर्वासित समजावादी पार्टी (सपा) ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बीजेपी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार की पहली कैबिनेट बैठक को निराशाजनक करार देते हुए पार्टी की मंशा पर सवालिया निशान खड़ा किया है। सपा ने कहा है कि विधानसभा चुनावों के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़े-बड़े वादे किए थे। सार्वजनिक सभाओं में किसानों की कर्ज माफी का वादा किया था लेकिन उन्होंने जनता से यह बात छुपा ली थी कि भाजपा के चुनाव घोषणापत्र में सभी लघु एवं सीमांत किसानों का केवल फसली ऋण माफ करने का वादा है।



कृषि विकास का बने आधार शीर्षक से किसानों, भूमिहीन कृषि मजदूरों, के कल्याण के लम्बे चौड़े वादे भी किए गए थे। लेकिन राज्य सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में केवल एक लाख रूपये तक का ही कर्ज माफी की गई है। बीजेपी तो सिर्फ झूठ की खेती करने में माहिर है उसका किसानों और कृषि से कोई लेना देना नही है।



उन्होंने कहा कि किसानों के साथ बीजेपी का यह धोखा उनकी फितरत है। लोकसभा चुनावों में भी उन्होंने तमाम वादे किए थे जिनमें तीन साल के अंदर एक भी पूरा नहीं किया गया। जनधन खातों में न तो 15-15 लाख रूपये आए और ना ही नौजवानों को रोजगार मिला। कश्मीर में स्थिति बिगड़ती गई है और पड़ोसी देशों से भी रिश्तों में बिगाड़ आया है। फिर विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री ने मतदाताओं को बहकाने का क्रम जारी रखा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने ठीक ही कहा है कि बीजेपी सरकार ने किसानों के साथ छल किया है।



उत्तर प्रदेश में किसानों के प्रति बीजेपी केवल जुबानी जमा खर्च ही करती आई है जबकि समाजवादी पार्टी ईमानदारी से किसानों के हितों के लिए समर्पित है। जब अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश में समाजवादी सरकार बनी बजट का 75 प्रतिशत गांव-किसान पर खर्च किया गया। किसानों का 50 हजार तक कर्ज माफी के साथ उनको मुफ्त सिंचाई की सुविधा दी गई। किसानों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिला। समाजवादी पार्टी ने मंडियों के आधुनिकीकरण, किसानों को सस्ते दर पर ऋण देने, साढ़े सात लाख रूपए तक किसान बीमा योजना का लाभ देने का संकल्प किया था।



बीजेपी का किसान प्रेम सिर्फ दिखावा हैं वह वस्तुतः पूंजीपतियों की पक्षधर पार्टी है। देश के किसान कर्ज से तबाह है, आत्म हत्याएं कर रहे हैं उनकी मदद करने के लिए केंद्र के पास पैसा नहीं है जबकि 17 लाख 15 हजार करोड़ की टैक्स में माफी उद्योग सेक्टर को सिर्फ बीते तीन वित्तीय वर्ष में दे दी गई।

उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार ने अभी तक अपने वादे को निभाते हुए गन्ना किसानों के लिए, भूमिहीन कृषि मजदूरों के फायदे के लिए एक भी कदम नहीं उठाया है। कृषि का बुनियादी ढ़ांचा खड़ा करने के लिए उनके पास कोई योजना नहीं है। सच तो यह है कि भाजपा न सिर्फ झूठे आश्वासनों की खेती करने में माहिर हैं और उनका गरीबों, किसानों तथा वंचितों की भलाई से कुछ लेना देना नहीं है। इनका काम जनता को बरगलाना और अपना राजनीतिक स्वार्थ साधन करना है। प्रदेश की जनता अब इनके कारनामों को खूब समझ कर कड़ा जवाब देने की तैयारी में है।