BJP का ये बागी नेता ले सकता है कांग्रेस की सदस्यता

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BJP का ये बागी नेता ले सकता है कांग्रेस की सदस्यता

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव की आहट के साथ ही कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों की नजरें नाराज और असंतुष्ट नेताओं पर टिकी हुई है कांग्रेस इस मामले में सक्रियता दिखा रही है। भाजपा से बगावत करके विधानसभा चुनाव लड़े वरिष्ठ नेता रामकृष्ण कुसमरिया अब कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं।

Bjp Leader Join Congress :

खबर आ रही है कि वो CM कमलनाथ के संपर्क में हैं। भोपाल में राहुल गांधी की सभा के दौरान कांग्रेस की सदस्यता ले सकते हैं। पिछले दिनों सीहोर के पूर्व भाजपा विधायक रमेश सक्सेना को कांग्रेस में शामिल कराकर कांग्रेस नेता अब फिर से भाजपा के असंतुष्टों पर नजरें गढ़ाए हुए हैं.

कैबिनेट मंत्री के रूप में संभाल चुके हैं पद

दरअसल 19 दिसम्बर 2018 दिन बुधवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ के बंगले पर रामकृष्ण कुसमारिया और कमलनाथ की मुलाकात हुई थी। कमलनाथ के बंगले पर ये मुलाकात करीब 20 मिनट चली थी। इस मुलाकात के बाद ही कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी की मौजूदा परिस्थितियों और कांग्रेस के लोकसभा के लक्ष्य रामकृष्ण कुसमारिया कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। चाहे 2008 में परिसीमन के पहले की खजुराहो लोकसभा सीट हो या फिर दमोह, पन्ना लोकसभा सीट हो, दोनों सीटों से रामकृष्ण कुसमारिया लोकसभा पहुंचे हैं। वहीं विधानसभा चुनावों में दमोह जिले की हटा और पथरिया सीट से वो मप्र विधानसभा पहुंचकर कृषि मंत्री का पद कैबिनेट मंत्री के रूप में संभाल चुके हैं।

बुंदेलखंड में भाजपा के रहे हैं चेहरा

भाजपा में रामकृष्ण कुसमरिया को बुंदेलखंड का बड़ा चेहरा माना जाता है। कुर्मी मतदाताओं के बीच उनकी खासा पैठ है। वे इस वर्ग के नेता भी हैं. भाजपा में रहते हुए कुसमरिया अलग-अलग विधानसभा और लोकसभा सीटों का नेतृत्व करते रहे। विधायक, सांसद और पूर्व मंत्री भी वे रहे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में जब उन्हें भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो वे नाराज हो गए और बागी होकर दो स्थानों से चुनाव लड़ गए। कुसमरिया के चुनाव लड़ने से भाजपा को दोनों ही स्थानों पर हार का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं उनके मैदान में उतरने से वित्त मंत्री रहे जयंत मलैया को हार का सामना करना पड़ा था।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव की आहट के साथ ही कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों की नजरें नाराज और असंतुष्ट नेताओं पर टिकी हुई है कांग्रेस इस मामले में सक्रियता दिखा रही है। भाजपा से बगावत करके विधानसभा चुनाव लड़े वरिष्ठ नेता रामकृष्ण कुसमरिया अब कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं। खबर आ रही है कि वो CM कमलनाथ के संपर्क में हैं। भोपाल में राहुल गांधी की सभा के दौरान कांग्रेस की सदस्यता ले सकते हैं। पिछले दिनों सीहोर के पूर्व भाजपा विधायक रमेश सक्सेना को कांग्रेस में शामिल कराकर कांग्रेस नेता अब फिर से भाजपा के असंतुष्टों पर नजरें गढ़ाए हुए हैं. कैबिनेट मंत्री के रूप में संभाल चुके हैं पद दरअसल 19 दिसम्बर 2018 दिन बुधवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ के बंगले पर रामकृष्ण कुसमारिया और कमलनाथ की मुलाकात हुई थी। कमलनाथ के बंगले पर ये मुलाकात करीब 20 मिनट चली थी। इस मुलाकात के बाद ही कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी की मौजूदा परिस्थितियों और कांग्रेस के लोकसभा के लक्ष्य रामकृष्ण कुसमारिया कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। चाहे 2008 में परिसीमन के पहले की खजुराहो लोकसभा सीट हो या फिर दमोह, पन्ना लोकसभा सीट हो, दोनों सीटों से रामकृष्ण कुसमारिया लोकसभा पहुंचे हैं। वहीं विधानसभा चुनावों में दमोह जिले की हटा और पथरिया सीट से वो मप्र विधानसभा पहुंचकर कृषि मंत्री का पद कैबिनेट मंत्री के रूप में संभाल चुके हैं। बुंदेलखंड में भाजपा के रहे हैं चेहरा भाजपा में रामकृष्ण कुसमरिया को बुंदेलखंड का बड़ा चेहरा माना जाता है। कुर्मी मतदाताओं के बीच उनकी खासा पैठ है। वे इस वर्ग के नेता भी हैं. भाजपा में रहते हुए कुसमरिया अलग-अलग विधानसभा और लोकसभा सीटों का नेतृत्व करते रहे। विधायक, सांसद और पूर्व मंत्री भी वे रहे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में जब उन्हें भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो वे नाराज हो गए और बागी होकर दो स्थानों से चुनाव लड़ गए। कुसमरिया के चुनाव लड़ने से भाजपा को दोनों ही स्थानों पर हार का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं उनके मैदान में उतरने से वित्त मंत्री रहे जयंत मलैया को हार का सामना करना पड़ा था।