स्वामी प्रसाद मौर्य के दामाद ने थामा सपा का दामन, ये भी हुए शामिल

स्वामी प्रसाद मौर्य, नवल किशोर
स्वामी प्रसाद मौर्य के दामाद ने थामा सपा का दामन, ये भी हुए शामिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के दामाद नवल किशोर ने शनिवार को समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हे पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। नवल किशोर के साथ ही बसपा के पूर्व एमएलए इरशाद खान और पूर्व एमएलसी प्रदीप सिंह भी सपा में शामिल हुए।

Bjp Leader Swami Prasad Maurya Son In Law Joins Samajwadi Party :

पार्टी ज्वॉइन करने पर अखिलेश यादव ने तीनों नेताओं को गौतम बुद्ध की प्रतिमा देकर उनका स्वागत किया। अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे बहुत से नेता हैं जो अपनी पार्टी छोड़कर सपा का दामन थामने वाले हैं। प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश ने कहा, “यह हमारी पार्टी में आ रहे हैं। मगर हम इनको यहां नहीं बल्कि सभा में शामिल कराएंगे। इन परिणामों से यूपी को एक फ़ायदा ज़रूर हुआ है। उत्तर प्रदेश के सीएम अब विकास की दिशा में जाने लगे हैं।”

बताते चले कि नवल किशोर 2016 में उस वक़्त चर्चा में आए थे, जब स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा से इस्तीफा दिया था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर आरोप लगाया था कि वो अपने दामाद नवल किशोर को विधानसभा का टिकट दिलाना चाहते थे और इसके लिए मना करने पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के दामाद नवल किशोर ने शनिवार को समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हे पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। नवल किशोर के साथ ही बसपा के पूर्व एमएलए इरशाद खान और पूर्व एमएलसी प्रदीप सिंह भी सपा में शामिल हुए।पार्टी ज्वॉइन करने पर अखिलेश यादव ने तीनों नेताओं को गौतम बुद्ध की प्रतिमा देकर उनका स्वागत किया। अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे बहुत से नेता हैं जो अपनी पार्टी छोड़कर सपा का दामन थामने वाले हैं। प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश ने कहा, "यह हमारी पार्टी में आ रहे हैं। मगर हम इनको यहां नहीं बल्कि सभा में शामिल कराएंगे। इन परिणामों से यूपी को एक फ़ायदा ज़रूर हुआ है। उत्तर प्रदेश के सीएम अब विकास की दिशा में जाने लगे हैं।"बताते चले कि नवल किशोर 2016 में उस वक़्त चर्चा में आए थे, जब स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा से इस्तीफा दिया था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर आरोप लगाया था कि वो अपने दामाद नवल किशोर को विधानसभा का टिकट दिलाना चाहते थे और इसके लिए मना करने पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।