BJP सांसद स्वामी का कश्मीर की CM पर तंज, कहा- पाकिस्तान के लिए होंगी महबूबा, हमारे लिए नहीं

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BJP सांसद स्वामी का कश्मीर की CM पर तंज, कहा- पाकिस्तान के लिए होंगी महबूबा, हमारे लिए नहीं

नई दिल्ली। बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री पर जोरदार हमला बोला है । स्वामी ने कहा, कि महबूबा पाकिस्तान के लिए महबूबा हो सकती हैं, हमारे लिए नहीं। दरअसल स्वामी की यह टिप्पणी महबूबा मुफ्ती के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ बातचीत की पैरवी की थी। स्वामी ने इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही है। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-बीजेपी की गठबंधन की सरकार है। सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि मुझे यह समझ में नहीं आता कि पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा क्यों नहीं वापस लिया जा रहा।

Bjp Leader Swamy Commented On Mehbooba Mukti Statement About Ind Pak Talk :

महबूबा ने की कश्मीरी पंडितों के वापस लाने की अपील

बता दें कि कश्मीरी पंडितों के एक समूह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि युद्ध कभी कोई विकल्प नहीं था और न हो सकता है। आपसी मेलमिलाप ही एक मंत्र है जिसका पालन करने की हमें जरूरत है। उन्होंने विस्थापित कश्मीरी पंडितों को कश्मीर वापस आने की अपील करते हुए कहा कि उनकी वापसी से ही भारत-पाक संबंध भी सुधरेंगे।

इसके साथ ही महबूबा ने कहा था कि हमने पीएम मोदी से पाकिस्तान से संवाद करने की अपील की है। हमें पड़ोसी मुल्क से यह आश्वासन लेने की जरूरत है कि वह भारत के खिलाफ अपनी सरजमीं के इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। सीएम ने कहा था कि कश्मीर घाटी में आजादी के नारों को बदलने की कोशिश किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आखिर जम्मू-कश्मीर मध्य एशियाई देशों का गेटवे क्यों नहीं हो सकता है।

वाजपेयी की तरह कदम उठाएं मोदी

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तरह ही पाकिस्तन की तरफ बातचीत का प्रस्ताव रखना चाहिए। उनके मुताबिक, भारत और पाकिस्तान दोनों ही युद्ध की स्थिति में नहीं हैं। दोनों देश ये जानते हैं कि अगर युद्ध हुआ तो कुछ नहीं बचेगा। सब कुछ खत्म हो जाएगा।

यह बात पहले भी कह चुकीं महबूबा

महबूबा भारत को पाकिस्तान से बात की पहल करने की सलाह पहले भी दे चुकी हैं।सुंजवान में हुए आतंकी हमले के बाद भी उन्होंने कहा था, भारत और पाकिस्तान के बीच खूनी खेल को रोकने के लिए हमें बातचीत का रास्ता चुनना होगा। बता दें कि सुंजवान आर्मी कैंप पर आतंकियों ने 10 फरवरी में हमला किया था। इसमें 6 जवान शहीद हुए थे। वहीं एक नागरिक भी मारा गया था।

 

नई दिल्ली। बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री पर जोरदार हमला बोला है । स्वामी ने कहा, कि महबूबा पाकिस्तान के लिए महबूबा हो सकती हैं, हमारे लिए नहीं। दरअसल स्वामी की यह टिप्पणी महबूबा मुफ्ती के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ बातचीत की पैरवी की थी। स्वामी ने इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही है। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-बीजेपी की गठबंधन की सरकार है। सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि मुझे यह समझ में नहीं आता कि पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा क्यों नहीं वापस लिया जा रहा।

महबूबा ने की कश्मीरी पंडितों के वापस लाने की अपील

बता दें कि कश्मीरी पंडितों के एक समूह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि युद्ध कभी कोई विकल्प नहीं था और न हो सकता है। आपसी मेलमिलाप ही एक मंत्र है जिसका पालन करने की हमें जरूरत है। उन्होंने विस्थापित कश्मीरी पंडितों को कश्मीर वापस आने की अपील करते हुए कहा कि उनकी वापसी से ही भारत-पाक संबंध भी सुधरेंगे।इसके साथ ही महबूबा ने कहा था कि हमने पीएम मोदी से पाकिस्तान से संवाद करने की अपील की है। हमें पड़ोसी मुल्क से यह आश्वासन लेने की जरूरत है कि वह भारत के खिलाफ अपनी सरजमीं के इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। सीएम ने कहा था कि कश्मीर घाटी में आजादी के नारों को बदलने की कोशिश किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आखिर जम्मू-कश्मीर मध्य एशियाई देशों का गेटवे क्यों नहीं हो सकता है।

वाजपेयी की तरह कदम उठाएं मोदी

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तरह ही पाकिस्तन की तरफ बातचीत का प्रस्ताव रखना चाहिए। उनके मुताबिक, भारत और पाकिस्तान दोनों ही युद्ध की स्थिति में नहीं हैं। दोनों देश ये जानते हैं कि अगर युद्ध हुआ तो कुछ नहीं बचेगा। सब कुछ खत्म हो जाएगा।

यह बात पहले भी कह चुकीं महबूबा

महबूबा भारत को पाकिस्तान से बात की पहल करने की सलाह पहले भी दे चुकी हैं।सुंजवान में हुए आतंकी हमले के बाद भी उन्होंने कहा था, भारत और पाकिस्तान के बीच खूनी खेल को रोकने के लिए हमें बातचीत का रास्ता चुनना होगा। बता दें कि सुंजवान आर्मी कैंप पर आतंकियों ने 10 फरवरी में हमला किया था। इसमें 6 जवान शहीद हुए थे। वहीं एक नागरिक भी मारा गया था।