लिंग परीक्षण में गिरफ्तार आगरा की डॉ. निर्मल चोपड़ा की पैरवी में जयपुर में डटे कई भाजपाई

लखनऊ। यूपी के आगरा में लिंग परीक्षण और गर्भपात करने के मामले में राजस्थान पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई शहर की जानी मानी महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ.निर्मल चोपड़ा के कारनामों की कलई परत दर परत खुलने लगी है। दूसरी ओर उनके समर्थन में आगरा बीजेपी के नेताओं की एक लॉबी राजस्थान की वसुंधरा सरकार में अपनी पहुंच का हवाला देकर निर्मल चोपड़ा को रिहा करवाने के लिए जयपुर में डटे हुए है।

पर्दाफाश के सूत्रों की माने तो लिंग चयन प्रतिषेध कानून (पीसीपीएनडी) में फंसने के बावजूद यूपी पुलिस ने यूपी सरकार के एक कैबिनेट मंत्री और बीजेपी के नेताओं के दबाव में आकर डॉ. निर्मल चोपड़ा के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की है। इतना ही नहीं निर्मल चोपड़ा के क्लीनिक पर छापे के दौरान मौजूद रहे आगरा के स्वास्थ विभाग के अधिकारियों ने निर्मल चोपड़ा के नर्सिंग होम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

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राजस्थान प्रदेश के लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम दल (पीसीपीएनडीटी) के हत्थे चढ़ चुकीं डॉ. निर्मल दशकों से इस गोरखधंधे में लिप्त हैं। पूर्व में आईएमए की अध्यक्ष रह चुकीं डॉ0 निर्मल चोपड़ा को इस गैरकानूनी काम से रोज लाखों की कमाई हो रही थी। अपने कारोबार को चलाने के लिए ​उन्होंने यूपी की सीमा से सटे राजस्थान के शहरों तक अपने भरोसेमंद एजेंटों का नेटवर्क फैला रखा था। ये एजेंट लिंग परीक्षण से लेकर गर्भपात करवाने तक के पैकेज पर ग्राहकों को डॉ0 निर्मल चोपड़ा के क्लीनिक तक लाते थे। जिसके बदले में उन्हें मोटा कमीशन दिया जाता था।

पीसीपीएनडीटी ने निर्मल चोपड़ा के साथ तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है। जिनमें ग्राहक लाने वाले दो एजेंट और डॉक्टर की ओर से मरीजों से डील करने वाली उसकी विश्वासपात्र रिसेप्शनिस्ट भी शामिल है। पीसीपीएनडीटी के खुलासे में सामने आया है कि डॉ. लिंग परीक्षण के नाम पर 30,000 रुपए लिया करतीं थीं, जबकि लिंग परीक्षण के बाद गर्भपात करवाने पर यह पैकेज 50,000 रुपए का हो जाता था। एक मरीज पर एजेंटों को 5 से 10 हजार तक का कमीशन दिया जाता था, जबकि रिसेप्शन पर रहने वाली युवती को भी प्रति केस कमीशन मिलता था।

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भ्रूण हत्या की कमाई से खड़ा किया 500 करोड़ का साम्राज्य—

डॉ0 निर्मल की कामयाबी को अपनी आंखों से देखने वालों की माने तो वह अपने करियर के शुरुआती दिनों से इस तरह के कामोंं में लिप्त हैं। एक छोटे से क्लीनिक से शुरू करके करोड़ों का की लगात से नर्सिंग एंड मैटरनिटी होम खड़ा करने तक की कामयाबी की नींव में लाखों भूणों की हत्या का एक अनकहा और अनसुना राज दफन है। सरकार ने भले ही लिंग परीक्षण और बेटियों के गर्भपात को कानूनी अपराध की श्रेणी मे डाल दिया हो, लेकिन इस कानून ने इस हत्यारी डॉक्टर की पैसा कमाने की भूख को और ज्यादा बढ़ा दिया। जिस काम से निर्मल चोपड़ा अपने करियर के शुरुआती दिनों में चंद हजार रुपए कमातीं थी उसी काम से उन्हें लाखों की कमाई होने लगी।

स्थानीय लोगों की माने तो निर्मल चोपड़ा ने करोड़ का लागत से प्रतापपुरा इलाके में महलनुमा मकान भी बनाया है।

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हाईप्रोफाइल डॉक्टर की छवि बनाकर रहतीं थीं निर्मल चोपड़ा—

डॉ0 निर्मल चोपड़ा की आॅनलाइन प्रोफाइल से उनका स्टेटस समझा जा सकता है। अलग अलग वेबसाइट्स पर निर्मल चोपड़ा को सिलेब्रिटीज और एनआरआई मरीजों का डॉक्टर बताया गया है। एमआईए की अध्यक्ष रह चुकीं निर्मल चोपड़ा की गिनती देश के शीर्ष महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों में की जाती रही है।

निर्मल चोपड़ा के फेसबुक अकाउंट को देखा गया तो बहुत ही चौकाने वाली एक तस्वीर नजर आई। इस फोटो में डॉ0 निमर्ला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के साथ नजर आ रहीं हैं। ऐसा कहा जाता है कि यूपी सरकार के एक कैबिनेट मंत्री और डा0 निर्मल चोपड़ा के बीच पारिवारिक रिश्ते हैं। इस मंत्री की पत्नी और डॉ0 निर्मल को शहर में बहनों के रूप में पहचाना जाता है। मंत्री की पत्नी और डॉ0 निर्मल की एक तस्वीर भी उनकी प्रोफाइल पर देखने को मिली है।

बचने के लिए बीजेपी नेताओं से संबन्ध और पैसे का सहारा —

पीसीपीएनडीटी के हत्थे चढ़ चुकीं डॉ0 निर्मल चोपड़ा को मालूम है कि जिस अपराध में उन्हें गिरफ्तार किया गया है, उसकी सजा के तौर पर उनका डॅाक्टर की डिग्री रद्द कर 10 जेल की सजा हो सकती है। राजस्थान पुलिस द्वारा गिरफ्तार होने के बाद निर्मल चोपड़ा बीमारी का हवाला देकर अस्पताल में भर्ती हो चुकीं हैं। दूसरी ओर उनकी प्रभाव वाले आगरा से आने वाले बीजेपी के कई विधायक और दिग्गज नेता जयपुर कूच कर गए हैं। जिनका प्रयास बसुंधरा राजे सरकार पर राजनीतिक शिष्टाचार का दबाव डाल कर पूरे मामले को रफा दफा करने का है। कहा जा रहा है कि निर्मल चोपड़ा स्वयं को बचाने के लिए अपने क्लीनिक के स्टॉफ पर उनकी गैरजानकारी में अवैध तरीके से लिंग परीक्षण और गर्भपात करने का गोरखधंधा किया जा रहा था। जिसके लिए उनके नाम का सहारा लिया गया।

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