हार्ट अटैक से हुई थी बीजेपी नेता की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा

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हार्ट अटैक से हुई थी बीजेपी नेता की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा

बिलासपुर। भाजपा नेता की पिटाई से मौत के आरोप में घिरी मरवाही थाने की पुलिस को बड़ी राहत मिली है। डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक सामने आया है। इसके साथ ही मृतक के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं और टूटे दांत से भी किसी तरह की ब्लीडिंग नहीं पाई गयी है।

Bjp Leaders Death From Heart Attack Revealed In Postmortem Report :

भाजपा नेता चंद्रिका प्रसाद तिवारी (50) की मौत के बाद टीआइ पर बेहरमी से मारपीट का आरोप लगा था। आरोप था कि चंद्रिका प्रसाद की जमकर पिटाई की गयी है, जिसके कारण उनकी जान गयी है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक सामने आया है। वहीं अब तक टीआइ पर मारपीट व बेरहमी से पिटाई का आरोप लगाने वाले नेताओं को भी झटका लगा है।

एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि इस घटना के बाद पुलिस ने जो तथ्य पेश किये थे, वहीं पीएम रिपोर्ट में सामने आया है। उन्होंने कहा कि परिजन टीआई पर मारपीट का आरोप लगा रहे थे लेकिन वह निराधार साबित हुआ। एसपी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का और अध्यन किया जा रहा है, इसके साथ ही आगे की जांच की जा रही है। मालूम हो कि अब तक जांच में एसडीओपी अभिषेक सिंह ने थाने के स्टाफ, सफाई कर्मी, तहसीलदार के साथ ही उनके कर्मचारियों का बयान दर्ज किया है।

इसमें जमानत मिलने के बाद ही भाजपा नेता चंद्रिका प्रसाद की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, मृतक व उसके परिजन अभी भी टीआइ की पिटाई के आरोप के बयान पर अड़े हुए हैं। गौरतलब है कि चंद्रिका तिवारी के साथ उनके रिश्तेदार तुलसी तिवारी व गंगा उर्फ पुष्पेंद्र तिवारी से विवाद हुआ था। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में बिठाया था। रात भर पुष्पेंद्र व तुलसी भी थाने में मौजूद रहे। एसडीओपी सिंह ने पुष्पेंद्र का बयान दर्ज किया है।

उसने भी चंद्रिका व उसके बेटे के साथ मारपीट नहीं करने की जानकारी दी है। इस मामले में तुलसी तिवारी का बयान नहीं हो सका है। वहीं चंद्रिका प्रसाद के बेटे दिनेश तिवारी का आरोप है कि थाने में उसके पिता के साथ मारपीट की गयी थी। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि जमानत मिलने से पहले ही उनके पिता की मौत हो गयी थी।

एसपी मीणा ने बताया कि थाने में रोजनामचा रिपोर्ट से लेकर सभी दस्तावेजों का परीक्षण किया गया है, जिस समय टीआइ पर मारपीट का आरोप लगाया गया है। उस समय टीआइ थाने में मौजूद नहीं था। घटना दिनांक की सुबह से वह किसी बच्चे की मौत के मामले की जांच में गया था। ऐसे में टीआइ पर लगाए मारपीट का आरोप भी बेबुनियाद है। हालांकि परिजन और राजनीतिक दल के नेता थाने में मारपीट के बाद मौत के आरोप लगा रहे हैं।

बिलासपुर। भाजपा नेता की पिटाई से मौत के आरोप में घिरी मरवाही थाने की पुलिस को बड़ी राहत मिली है। डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक सामने आया है। इसके साथ ही मृतक के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं और टूटे दांत से भी किसी तरह की ब्लीडिंग नहीं पाई गयी है। भाजपा नेता चंद्रिका प्रसाद तिवारी (50) की मौत के बाद टीआइ पर बेहरमी से मारपीट का आरोप लगा था। आरोप था कि चंद्रिका प्रसाद की जमकर पिटाई की गयी है, जिसके कारण उनकी जान गयी है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक सामने आया है। वहीं अब तक टीआइ पर मारपीट व बेरहमी से पिटाई का आरोप लगाने वाले नेताओं को भी झटका लगा है। एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि इस घटना के बाद पुलिस ने जो तथ्य पेश किये थे, वहीं पीएम रिपोर्ट में सामने आया है। उन्होंने कहा कि परिजन टीआई पर मारपीट का आरोप लगा रहे थे लेकिन वह निराधार साबित हुआ। एसपी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का और अध्यन किया जा रहा है, इसके साथ ही आगे की जांच की जा रही है। मालूम हो कि अब तक जांच में एसडीओपी अभिषेक सिंह ने थाने के स्टाफ, सफाई कर्मी, तहसीलदार के साथ ही उनके कर्मचारियों का बयान दर्ज किया है। इसमें जमानत मिलने के बाद ही भाजपा नेता चंद्रिका प्रसाद की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, मृतक व उसके परिजन अभी भी टीआइ की पिटाई के आरोप के बयान पर अड़े हुए हैं। गौरतलब है कि चंद्रिका तिवारी के साथ उनके रिश्तेदार तुलसी तिवारी व गंगा उर्फ पुष्पेंद्र तिवारी से विवाद हुआ था। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में बिठाया था। रात भर पुष्पेंद्र व तुलसी भी थाने में मौजूद रहे। एसडीओपी सिंह ने पुष्पेंद्र का बयान दर्ज किया है। उसने भी चंद्रिका व उसके बेटे के साथ मारपीट नहीं करने की जानकारी दी है। इस मामले में तुलसी तिवारी का बयान नहीं हो सका है। वहीं चंद्रिका प्रसाद के बेटे दिनेश तिवारी का आरोप है कि थाने में उसके पिता के साथ मारपीट की गयी थी। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि जमानत मिलने से पहले ही उनके पिता की मौत हो गयी थी। एसपी मीणा ने बताया कि थाने में रोजनामचा रिपोर्ट से लेकर सभी दस्तावेजों का परीक्षण किया गया है, जिस समय टीआइ पर मारपीट का आरोप लगाया गया है। उस समय टीआइ थाने में मौजूद नहीं था। घटना दिनांक की सुबह से वह किसी बच्चे की मौत के मामले की जांच में गया था। ऐसे में टीआइ पर लगाए मारपीट का आरोप भी बेबुनियाद है। हालांकि परिजन और राजनीतिक दल के नेता थाने में मारपीट के बाद मौत के आरोप लगा रहे हैं।