प्रदेश अध्यक्ष के लिए यूपी में ब्राह्मण चेहरा तलाश रही है बीजेपी, इनके नाम पर लग सकती है मुहर

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प्रदेश अध्यक्ष के लिए यूपी में ब्राह्मण चेहरा तलाश रही है बीजेपी

नई दिल्ली। यूपी के बीजेपी अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय के मोदी केबिनेट में शामिल होने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में कोई ब्राह्मण चेहरा तलाश रही हैं। अब ये चेहरा महेश शर्मा होंगे या पार्टी किसी अन्य नए चेहरे को मौका देगी, इसको लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। बता दें कि आगामी 13-14 जून को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पार्टी के विभिन्न प्रदेश अध्यक्षों और अन्य संगठन पदाधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं। जिसके बाद अध्यक्षों का चयन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि अमित शाह की जगह कोई नया पार्टी अध्यक्ष बनाया जाएगा, इसलिए वो चाहते हैं कि अपने जाने से पहले पूरा कर देना चाहते हैं।

Bjp Looking For A Strong Brahmin Face In Up For Bjp Up President :

बता दें कि यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ को ठाकुर समुदाय का चेहरा माना जाता है। वहीं महेन्द्रनाथ पाण्डेय के रूप में ब्राह्मण चेहरे को भी प्रतिनिधित्व मिला हुआ था, जिससे स्थिती संतुलन में थी, लेकिन उनके केंद्र में जाने से प्रदेश में यह जगह खाली हो गई है, इसलिए माना जा रहा है कि पार्टी इस जगह पर एक बार फिर किसी ब्राह्मण चेहरे को मौका दे सकती है।

इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए इस समय स्वतंत्रदेव सिंह का भी नाम चल रहा है। मध्यप्रदेश के चुनाव प्रभारी रहते हुए उन्होंने पार्टी को बड़ी जीत हासिल कराने में सफलता पाई है, जिसका इनाम उन्हे मिल सकता है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले मंत्रिमंडल में शामिल रहे मनोज सिन्हा एक कामकाजी और मिलनसार नेता के रूप में जाने जाते हैं। दिए गये काम को कड़ी मेहनत और ईमानदारी के साथ पूरा करना उनकी खासियत माना जाता है। बता दें कि उत्तर प्रदेश से बीजेपी में बड़े ब्राह्मण नेता का अभाव हो गया है। अब ब्राह्मण चेहरों में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और पूर्व केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा जैसे नाम हैं जो एक बड़े ब्राह्मण नेता के रूप में अपनी स्वीकार्यता नहीं बना सके हैं।

नई दिल्ली। यूपी के बीजेपी अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय के मोदी केबिनेट में शामिल होने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में कोई ब्राह्मण चेहरा तलाश रही हैं। अब ये चेहरा महेश शर्मा होंगे या पार्टी किसी अन्य नए चेहरे को मौका देगी, इसको लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। बता दें कि आगामी 13-14 जून को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पार्टी के विभिन्न प्रदेश अध्यक्षों और अन्य संगठन पदाधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं। जिसके बाद अध्यक्षों का चयन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि अमित शाह की जगह कोई नया पार्टी अध्यक्ष बनाया जाएगा, इसलिए वो चाहते हैं कि अपने जाने से पहले पूरा कर देना चाहते हैं। बता दें कि यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ को ठाकुर समुदाय का चेहरा माना जाता है। वहीं महेन्द्रनाथ पाण्डेय के रूप में ब्राह्मण चेहरे को भी प्रतिनिधित्व मिला हुआ था, जिससे स्थिती संतुलन में थी, लेकिन उनके केंद्र में जाने से प्रदेश में यह जगह खाली हो गई है, इसलिए माना जा रहा है कि पार्टी इस जगह पर एक बार फिर किसी ब्राह्मण चेहरे को मौका दे सकती है। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए इस समय स्वतंत्रदेव सिंह का भी नाम चल रहा है। मध्यप्रदेश के चुनाव प्रभारी रहते हुए उन्होंने पार्टी को बड़ी जीत हासिल कराने में सफलता पाई है, जिसका इनाम उन्हे मिल सकता है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले मंत्रिमंडल में शामिल रहे मनोज सिन्हा एक कामकाजी और मिलनसार नेता के रूप में जाने जाते हैं। दिए गये काम को कड़ी मेहनत और ईमानदारी के साथ पूरा करना उनकी खासियत माना जाता है। बता दें कि उत्तर प्रदेश से बीजेपी में बड़े ब्राह्मण नेता का अभाव हो गया है। अब ब्राह्मण चेहरों में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और पूर्व केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा जैसे नाम हैं जो एक बड़े ब्राह्मण नेता के रूप में अपनी स्वीकार्यता नहीं बना सके हैं।