योगी के मंत्री और मोदी के सांसद की गुटबाजी के चलते सपा ने जीती हारी बाजी

Bhupendra Singh VS Kunvar Sarvendra Singh
योगी के मंत्री और मोदी के सांसद की गुटबाजी के चलते सपा ने जीती हारी बाजी

Bjp Loses Chance To Win No Confidence Motion In Moradabad Jila Panchayat

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के कब्जे वाली मुरादाबाद जिला पंचायत पर कब्जा करने के लिए भाजपा द्वारा एक महीने तक किए गए प्रयासों का मंगलवार को नाटकीय अंत हुआ। भाजपा ने 34 सदस्यों वाली जिला पंचायत में अपने और बसपा के सदस्यों के साथ मिलकर अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने की नियत से 15 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए 19 सदस्यों के हलफनामे दाखिल करवाए थे। जिलाधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मंगलवार को ​बैठक बुलाई। इस बैठक में हलफनामा दाखिल करने वाले सदस्यों को बुलाया गया था। पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रहे इसके लिए सीजेएम को भी बुलाया गया था।

सूत्रों की माने तो भाजपा के अविश्वास प्रस्ताव की हवा पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी ने ही निकाल दी। जिस अविश्वास प्रस्ताव को लाने की तैयारी योगी सरकार के मंत्री भूपेन्द्र सिंह की रणनीति के साथ की गई थी उसी प्रस्ताव को गिराने का काम पार्टी के सांसद कुँवर सर्वेश सिंह ने किया। भूपेन्द्र सिंह और सर्वेश सिंह के गुटों के बीच अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर अंत समय तक खींचतान बनी रही। जिसके चलते जिलाधिकारी द्वारा बुलाई गई बैठक में अविश्वास प्रस्ताव लाने वाला एक भी सदस्य शामिल नहीं हुआ।

अंत में जिलाधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त करते हुए मुरादाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में काबिज शालिता सिंह को यथावत् बनाए रखने का फैसला लिया। कहा जा रहा है कि बीजेपी की अंदरूनी गुटबाजी को लेकर शालिता सिंह अपने खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव को जीतने के लिए विश्वस्त नजर आ रहीं थी। इसी वजह से अपने साथ केवल एक समर्थक सदस्य को लेकर बैठक में पहुंची थी। जहां निर्धारित समय सीमा में एक भी विरोधी सदस्य ने अपनी ​उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई।

पार्टी सूत्रों की माने तो मंत्री भूपेन्द्र सिंह पिछले दो दिनों से मुरादाबाद में टिक कर जिला पंचायत में भाजपा के कब्जे में लाने की रणनीति तैयार कर रहे थे। जिसे अंत समय में सांसद सर्वेश सिंह और उनके समर्थक सदस्यों ने धराशायी कर दिया।

जिला पंचायत पर अपना कब्जा बनाए रखने में कामायाब रही समाजवादी पार्टी अपनी इस जीत को बेहद अहम मान रही है। नियमानुसार एक साल से पहले जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के कब्जे वाली मुरादाबाद जिला पंचायत पर कब्जा करने के लिए भाजपा द्वारा एक महीने तक किए गए प्रयासों का मंगलवार को नाटकीय अंत हुआ। भाजपा ने 34 सदस्यों वाली जिला पंचायत में अपने और बसपा के सदस्यों के साथ मिलकर अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने की नियत से 15 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए 19 सदस्यों के हलफनामे दाखिल करवाए थे। जिलाधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मंगलवार को…