मिशन दिल्ली: भाजपा ने बनाया मास्टरप्लान, 80 सांसदों को मिली ये जिम्मेदारी

Delhi Election
दिल्ली में करारी शिकस्त के बाद भाजपा में मंथन शुरू, नहीं काम आए ये मुद्दे

नई दिल्ली। दिल्ली के चुनावी रण में विजय हासिल करने के लिए भाजपा ने मजबूत किलेबंदी की है। बूथ प्रबंधन से हर मोर्चे पर फतेह हासिल करने के लिए बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व लगातार मंथन कर रहा है। अलग-अलग राज्यों से संगठन के कार्यकर्ताओं और केंद्रीय मंत्रियों को इस अभियान में लगाने के साथ ही सांसदों को भी चुनावी जिम्मेदारी दी जा रही है।

Bjp Made Masterplan For Mission Delhi 80 Mps Got This Responsibility :

इसके साथ ही दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव अभियान की कमान संभालने के लिए पार्टी 80 सांसदों की टीम उतार रही है। सूत्रों का कहना है कि जिन सीटों पर मतदाताओं की संख्या दो लाख से कम है, वहां एक सांसद तैनात किया जाएगा। वहीं दो लाख से ज्यादा मतदाताओं वाली सीट की जिम्मेदारी दो सांसद मिलकर संभालेंगे। अगले एक-दो दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

दिल्ली की बड़ी चुनौती से निपटने के लिए भाजपा अपने चुनाव प्रचार और बूथ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रत्येक मतदाता तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश हो रही है। इसमें कहीं कोई खामी न रह जाए, इसके लिए स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ ही केंद्रीय मंत्री, सांसद सहित दूसरे राज्यों के नेताओं को भी प्रचार अभियान में उतारा जा रहा है।

प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में एक केंद्रीय मंत्री या पूर्व मंत्री के साथ ही किसी राज्य के संगठन महामंत्री की तैनाती की गई है। उनकी निगरानी में उस लोकसभा क्षेत्र में आने वाले सभी विधानसभा सीटों पर चुनावी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक विधानसभा की कमान किसी सांसद को दी जा रही है। वह स्थानीय नेताओं व लोकसभा स्तर पर तैनात केंद्रीय मंत्री के बीच सामंजस्य स्थापित करके सीट जीतने की रणनीति बनाकर उस पर अमल करेगा।

सांसदों की तैनाती करते समय उस सीट के चुनावी समीकरण का भी ध्यान रखा जाएगा। यदि किसी सीट पर पूर्वांचल या उत्तराखंड के लोग ज्यादा होंगे तो वहां उसी प्रदेश से संबंधित सांसद को जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि वह लोगों के बीच बेहतर संवाद स्थापित कर सके।

नई दिल्ली। दिल्ली के चुनावी रण में विजय हासिल करने के लिए भाजपा ने मजबूत किलेबंदी की है। बूथ प्रबंधन से हर मोर्चे पर फतेह हासिल करने के लिए बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व लगातार मंथन कर रहा है। अलग-अलग राज्यों से संगठन के कार्यकर्ताओं और केंद्रीय मंत्रियों को इस अभियान में लगाने के साथ ही सांसदों को भी चुनावी जिम्मेदारी दी जा रही है। इसके साथ ही दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव अभियान की कमान संभालने के लिए पार्टी 80 सांसदों की टीम उतार रही है। सूत्रों का कहना है कि जिन सीटों पर मतदाताओं की संख्या दो लाख से कम है, वहां एक सांसद तैनात किया जाएगा। वहीं दो लाख से ज्यादा मतदाताओं वाली सीट की जिम्मेदारी दो सांसद मिलकर संभालेंगे। अगले एक-दो दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। दिल्ली की बड़ी चुनौती से निपटने के लिए भाजपा अपने चुनाव प्रचार और बूथ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रत्येक मतदाता तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश हो रही है। इसमें कहीं कोई खामी न रह जाए, इसके लिए स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ ही केंद्रीय मंत्री, सांसद सहित दूसरे राज्यों के नेताओं को भी प्रचार अभियान में उतारा जा रहा है। प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में एक केंद्रीय मंत्री या पूर्व मंत्री के साथ ही किसी राज्य के संगठन महामंत्री की तैनाती की गई है। उनकी निगरानी में उस लोकसभा क्षेत्र में आने वाले सभी विधानसभा सीटों पर चुनावी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक विधानसभा की कमान किसी सांसद को दी जा रही है। वह स्थानीय नेताओं व लोकसभा स्तर पर तैनात केंद्रीय मंत्री के बीच सामंजस्य स्थापित करके सीट जीतने की रणनीति बनाकर उस पर अमल करेगा। सांसदों की तैनाती करते समय उस सीट के चुनावी समीकरण का भी ध्यान रखा जाएगा। यदि किसी सीट पर पूर्वांचल या उत्तराखंड के लोग ज्यादा होंगे तो वहां उसी प्रदेश से संबंधित सांसद को जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि वह लोगों के बीच बेहतर संवाद स्थापित कर सके।