मध्यप्रदेश में बीजेपी का बड़ा दावा, कहा, अल्पमत में है कांग्रेस की कमलनाथ सरकार

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मध्यप्रदेश में बीजेपी का बड़ा दावा, कहा, अल्पमत में है कांग्रेस की कमलनाथ सरकार

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के खत्म होते ही बीजेपी ने बड़ा दावा किया है। बीजेपी का कहना है कि मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अल्पमत में है। बीजेपी के इस दावे के बाद वहां पर सियासी हड़कंप मचा हुआ है। इसकेा लेकर मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी राज्यपाल के पास पहुंचेगी। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के खिलाफ बीजेपी ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात करेगी।

Bjp Meet To Madhya Pradesh Governor Anandiben Patel Against Kamal Nath Government :

इस सियासी घटनाक्रम के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि आने वाले समय में बीजेपी एमपी में कमलनाथ सरकार को अल्पमत में बताकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। गौरतलब है कि कुल 230 विधानसभा सीटों वाले मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, उसे 114 सीटें मिली थीं, हालांकि बहुमत के आंकड़े से वो दो सीटें दूर रह गई थी।

बहुमत के लिए 116 सीटें चाहिए थीं, वहीं बीजेपी को 109 सीटें मिली थीं। इसके अलावा निर्दलीय को चार, बसपा को दो सीटें और सपा को एक सीट मिली थी। चुनाव परिणाम के दिन ही सपा और बसपा ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था और निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस के पक्ष में थे, इस प्रकार कांग्रेस ने अपने बहुमत का आंकड़ा साबित कर दिया था और कमलनाथ मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बने थे।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के खत्म होते ही बीजेपी ने बड़ा दावा किया है। बीजेपी का कहना है कि मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अल्पमत में है। बीजेपी के इस दावे के बाद वहां पर सियासी हड़कंप मचा हुआ है। इसकेा लेकर मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी राज्यपाल के पास पहुंचेगी। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के खिलाफ बीजेपी ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात करेगी। इस सियासी घटनाक्रम के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि आने वाले समय में बीजेपी एमपी में कमलनाथ सरकार को अल्पमत में बताकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। गौरतलब है कि कुल 230 विधानसभा सीटों वाले मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, उसे 114 सीटें मिली थीं, हालांकि बहुमत के आंकड़े से वो दो सीटें दूर रह गई थी। बहुमत के लिए 116 सीटें चाहिए थीं, वहीं बीजेपी को 109 सीटें मिली थीं। इसके अलावा निर्दलीय को चार, बसपा को दो सीटें और सपा को एक सीट मिली थी। चुनाव परिणाम के दिन ही सपा और बसपा ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था और निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस के पक्ष में थे, इस प्रकार कांग्रेस ने अपने बहुमत का आंकड़ा साबित कर दिया था और कमलनाथ मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बने थे।