अपनी सरकार के खिलाफ विधायक ने खोला मोर्चा, पार्टी के नेताओं-अफसरों से हैं नाराज

BJP-mla

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की तिलोई विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह ने राज्यमंत्री सुरेश पासी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने बिना किसी का नाम लिए इशारों में यह भी साफ कर दिया कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह जनता के बीच जाएंगे।

Bjp Mla Mayankeshwar Sharan Singh Is Angry With His Own Government :

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद मयंकेश्वर ने मीडिया से कहा, ‘मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई है। मैंने वहां की सारी समस्याओं के बारे में उनको अवगत करा दिया है। मैंने साफ तौर पर कहा कि मैं सिर्फ वेतन लेने के लिए विधायक नहीं बना हूं। यदि जनता की अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पाउंगा तो मुझे विधायक रहने का कोई हक नहीं है।’

मयंकेश्वर ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर समस्याओं का समाधान नहीं निकला तो वह तिलोई विधानसभा में एक बड़ी रैली करेंगे। उन्होंने कहा, अगर बातें नहीं सुनी गई तो जनता के पास जाना ही एकमात्र विकल्प है। भाजपा विधायक से जब यह पूछा गया है कि क्या वह दबाव की राजनीति कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है। मैं दबाव की राजनीति करने नहीं आया हूं। मर जाउंगा लेकिन कांग्रेस में नहीं जाउंगा।

बता दें कि इससे पहले मयकेश्वर सिंह ने अपनी ही पार्टी से नाराज होकर इस्तीफे की धमकी दी थी। भाजपा सूत्रों के मुताबिक मयंकेश्वर सिंह इन दिनों अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं और अफसरों से खासे नाराज चल रहे हैं। इसी को लेकर मयंकेश्वर बुधवार को राजधानी लखनऊ पहुंचे थे।

गौरतलब है कि अमेठी जिले के तिलोई क्षेत्र के भाजपा विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह अपनी उपेक्षा से नाराज चल रहे हैं। चर्चा है कि उन्हें शिकायत अपने ही जिले के राज्यमंत्री सुरेश पासी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से है। दोनों मंत्रियों के आगे प्रशासन उनकी नहीं सुन रहा है, जिसकी वजह से वह अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की तिलोई विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह ने राज्यमंत्री सुरेश पासी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने बिना किसी का नाम लिए इशारों में यह भी साफ कर दिया कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह जनता के बीच जाएंगे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद मयंकेश्वर ने मीडिया से कहा, 'मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई है। मैंने वहां की सारी समस्याओं के बारे में उनको अवगत करा दिया है। मैंने साफ तौर पर कहा कि मैं सिर्फ वेतन लेने के लिए विधायक नहीं बना हूं। यदि जनता की अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पाउंगा तो मुझे विधायक रहने का कोई हक नहीं है।'मयंकेश्वर ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर समस्याओं का समाधान नहीं निकला तो वह तिलोई विधानसभा में एक बड़ी रैली करेंगे। उन्होंने कहा, अगर बातें नहीं सुनी गई तो जनता के पास जाना ही एकमात्र विकल्प है। भाजपा विधायक से जब यह पूछा गया है कि क्या वह दबाव की राजनीति कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है। मैं दबाव की राजनीति करने नहीं आया हूं। मर जाउंगा लेकिन कांग्रेस में नहीं जाउंगा। बता दें कि इससे पहले मयकेश्वर सिंह ने अपनी ही पार्टी से नाराज होकर इस्तीफे की धमकी दी थी। भाजपा सूत्रों के मुताबिक मयंकेश्वर सिंह इन दिनों अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं और अफसरों से खासे नाराज चल रहे हैं। इसी को लेकर मयंकेश्वर बुधवार को राजधानी लखनऊ पहुंचे थे।गौरतलब है कि अमेठी जिले के तिलोई क्षेत्र के भाजपा विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह अपनी उपेक्षा से नाराज चल रहे हैं। चर्चा है कि उन्हें शिकायत अपने ही जिले के राज्यमंत्री सुरेश पासी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से है। दोनों मंत्रियों के आगे प्रशासन उनकी नहीं सुन रहा है, जिसकी वजह से वह अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं।