सदन में बोले भाजपा MLA नंद किशोर गुर्जर, अधिकारियों ने कमीशनखोरी को जन्मसिद्ध अधिकार माना

Uttar Pradesh Assembly
सदन में बोले भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर, अधिकारियों ने कमीशनखोरी को जन्मसिद्ध अधिकार माना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सदस्यों ने गाजियाबाद की लोनी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के साथ पुलिस उत्पीड़न के मुद्दे को उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस कारण विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित को सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी। हालांकि बाद में सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू हुई और भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर को बोलने का मौका मिला।

Bjp Mla Nand Kishore Gurjar Said In The House The Officials Considered Commissioning As A Birth Right :

लोनी से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने विधानसभा में कहा कि अधिकारी जो है वह खुल कर कमीशन ले रहे हैं। अधिकारियों ने कमीशन खोरी को अपना जन्मसिद्ध अधिकार माना है। विधायक नंद किशोर गुर्जर का दर्द विधानसभा में फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि एक या दो प्रतिशत अधिकारी ही ईमानदारी दिखा रहे हैं। विधायक ने घटना का जिक्र करते हुए कहा अधिकारी नही सुनते हैं।

विधायक ने कहा कि अधिकारियों ने अपनी पत्नी के नाम पर एनजीओ बनाकर खेल करते हैं। इन एनजीओ की जांच करवा लें सारा सच सामने आ जायेगा। विधायक ने कहा कि मेरी सम्पति की जांच करवा लें। जब मैं आवाज उठाता हूं तो मेरे ऊपर मुकदमा लाद दिया जाता है। कैसे मुख्यमंत्री के जीरो प्रतिशत टॉलरेंस का सपना सच होगा। विधायक ने कहा कि इससे मैं काफी व्यथित हूं। उन्होंने मंगलवार की घटना को लेकर खेद भी व्यक्त किया।

इससे पहले बुधवार को सुबह 11 बजे विधानसभा मंडप में जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई सपा, बसपा और कांग्रेस के सदस्यों ने खड़े होकर हंगामा शुरू कर दिया। काफी संख्या में सदस्य वेल में पहुंच गए और विधायक नंद किशोर गुर्जर मुद्दे पर चर्चा की मांग विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित से करने लगे। मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने हंगामा कर रहे सदस्यों को खूब समझाने की कोशिश की लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित को सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सदस्यों ने गाजियाबाद की लोनी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के साथ पुलिस उत्पीड़न के मुद्दे को उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस कारण विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित को सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी। हालांकि बाद में सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू हुई और भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर को बोलने का मौका मिला। लोनी से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने विधानसभा में कहा कि अधिकारी जो है वह खुल कर कमीशन ले रहे हैं। अधिकारियों ने कमीशन खोरी को अपना जन्मसिद्ध अधिकार माना है। विधायक नंद किशोर गुर्जर का दर्द विधानसभा में फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि एक या दो प्रतिशत अधिकारी ही ईमानदारी दिखा रहे हैं। विधायक ने घटना का जिक्र करते हुए कहा अधिकारी नही सुनते हैं। विधायक ने कहा कि अधिकारियों ने अपनी पत्नी के नाम पर एनजीओ बनाकर खेल करते हैं। इन एनजीओ की जांच करवा लें सारा सच सामने आ जायेगा। विधायक ने कहा कि मेरी सम्पति की जांच करवा लें। जब मैं आवाज उठाता हूं तो मेरे ऊपर मुकदमा लाद दिया जाता है। कैसे मुख्यमंत्री के जीरो प्रतिशत टॉलरेंस का सपना सच होगा। विधायक ने कहा कि इससे मैं काफी व्यथित हूं। उन्होंने मंगलवार की घटना को लेकर खेद भी व्यक्त किया। इससे पहले बुधवार को सुबह 11 बजे विधानसभा मंडप में जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई सपा, बसपा और कांग्रेस के सदस्यों ने खड़े होकर हंगामा शुरू कर दिया। काफी संख्या में सदस्य वेल में पहुंच गए और विधायक नंद किशोर गुर्जर मुद्दे पर चर्चा की मांग विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित से करने लगे। मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने हंगामा कर रहे सदस्यों को खूब समझाने की कोशिश की लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित को सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।