बच्चों की मौत पर भाजपा विधायक का शर्मनाक बयान, जानिए क्या कहा

b

पटना। उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल डीएमएसीएच में जून महीने में हुई 50 बच्चों की मौत पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी विधायक सचिंद्र कुमार ने शर्मनाक बयान दिया है। इस पूरे मामले पर उन्होंने कहा कि जो आया है उसे जाना है। जीवन है तो मृत्यु भी है, हालांकि उन्होंने बच्चों की मौत पर दुख भी जताया। साथ ही कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने की कोशिश कर रही है।

Bjp Mla Sachindra Kumar Controversial Statement On Children Death In Dmch :

वहीं बच्चों की मौत पर कांग्रेस विधायक राजेश राम ने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहाल है। डॉक्टरों की घोर कमी है। उन्होंने कहा कि मेरे पिता ने स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए जितने डॉक्टर और नर्स की बहाली की उसके बाद आज तक नहीं हुई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मामले में सरकार के दावे खोखले हैं।

ज्ञात हो कि उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल डीएमसीएच में जून महीने में 50 से अधिक बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। आंकड़ा सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। अस्पताल अधीक्षक ने बच्चों की मौत पर शिशु विभाग से जवाब मांगा है।

डीएमसीएच में जून महीने में पहली बार इतने बच्चों की मौत हुई है। मुजफ्फरपुर सहित कई अन्य जिलों में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम एईएस से सैकड़ों बच्चों की मौत हुई लेकिन दरभंगा इसके कहर से बच गया था।

डीएमसीएच प्रबंधन का मानना है कि एक भी बच्चा एईएस से पीडि़त होकर भर्ती नहीं हुआ है लेकिन इन 50 बच्चों की मौत ने सभी को चौंका दिया है। यह आंकड़ा पिछले साल से कहीं ज्यादा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। आनन- फानन में मौत की वजहों को तलाशने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।

पटना। उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल डीएमएसीएच में जून महीने में हुई 50 बच्चों की मौत पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी विधायक सचिंद्र कुमार ने शर्मनाक बयान दिया है। इस पूरे मामले पर उन्होंने कहा कि जो आया है उसे जाना है। जीवन है तो मृत्यु भी है, हालांकि उन्होंने बच्चों की मौत पर दुख भी जताया। साथ ही कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने की कोशिश कर रही है। वहीं बच्चों की मौत पर कांग्रेस विधायक राजेश राम ने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहाल है। डॉक्टरों की घोर कमी है। उन्होंने कहा कि मेरे पिता ने स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए जितने डॉक्टर और नर्स की बहाली की उसके बाद आज तक नहीं हुई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मामले में सरकार के दावे खोखले हैं। ज्ञात हो कि उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल डीएमसीएच में जून महीने में 50 से अधिक बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। आंकड़ा सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। अस्पताल अधीक्षक ने बच्चों की मौत पर शिशु विभाग से जवाब मांगा है। डीएमसीएच में जून महीने में पहली बार इतने बच्चों की मौत हुई है। मुजफ्फरपुर सहित कई अन्य जिलों में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम एईएस से सैकड़ों बच्चों की मौत हुई लेकिन दरभंगा इसके कहर से बच गया था। डीएमसीएच प्रबंधन का मानना है कि एक भी बच्चा एईएस से पीडि़त होकर भर्ती नहीं हुआ है लेकिन इन 50 बच्चों की मौत ने सभी को चौंका दिया है। यह आंकड़ा पिछले साल से कहीं ज्यादा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। आनन- फानन में मौत की वजहों को तलाशने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।