भाजपा विधायक ने कहा-पार्टी छोड़ने का डाला जा रहा है दबाव, मर जाऊंगा लेकिन कांग्रेस में नहीं हूंगा शामिल

Sanjay Pathak
भाजपा विधायक ने कहा-पार्टी छोड़ने का डाला जा रहा है दबाव, मर जाऊंगा लेकिन कांग्रेस में नहीं हूंगा शामिल

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में इस समय उठापटक जारी है। कमलनाथ सरकार पर भी संकट बना हुआ है। भाजपा भी अपने विधायकों पर नजर रखे हुए है। इस बीच भाजपा विधायक संजय पाठक का बड़ा बयान सामने आया है। कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक ने शनिवार को कहा कि मुझ पर बहुत दबाव है।

Bjp Mla Said Pressure Is Being Put To Leave The Party I Will Die But Will Not Join Congress :

मुझ पर भाजपा छोड़ने और कांग्रेस में शामिल होने का दबावा बनाया जा रहा है। विधायक ने कहा कि अगर मैं ऐसा नहीं करता हूं तो मेरे और मेरे परिवार के सदस्यों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने कहा कि मेरी जान को खतरा है। लेकिन मैं मर भी जाऊंगा तो भाजपा नहीं छोडूंगा।

वहीं, इससे पहले मध्यप्रदेश के बांधगढ़ में प्रशासन ने संजय पाठक के रिसॉर्ट पर शनिवार को बुलडोजर चलाया। प्रशासन का कहना है कि रिसॉर्ट को धवस्त करने से पहले भूमि अतिक्रमण के खिलाफ नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने रिसॉर्ट को ध्वस्त कर दिया।

वहीं, संजय पाठक का कहना है कि यह सरकार द्वारा बदले की भावना से की गई कार्रवाई है। बता दें कि संजय पाठक का नाम कथित रूप से विधायकों की खरीद-फरोख्त में भी आया था। हालांकि, उन्होंने ऐसे किसी भी मामले में शामिल होने से इनकार किया था।

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में इस समय उठापटक जारी है। कमलनाथ सरकार पर भी संकट बना हुआ है। भाजपा भी अपने विधायकों पर नजर रखे हुए है। इस बीच भाजपा विधायक संजय पाठक का बड़ा बयान सामने आया है। कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक ने शनिवार को कहा कि मुझ पर बहुत दबाव है। मुझ पर भाजपा छोड़ने और कांग्रेस में शामिल होने का दबावा बनाया जा रहा है। विधायक ने कहा कि अगर मैं ऐसा नहीं करता हूं तो मेरे और मेरे परिवार के सदस्यों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने कहा कि मेरी जान को खतरा है। लेकिन मैं मर भी जाऊंगा तो भाजपा नहीं छोडूंगा। वहीं, इससे पहले मध्यप्रदेश के बांधगढ़ में प्रशासन ने संजय पाठक के रिसॉर्ट पर शनिवार को बुलडोजर चलाया। प्रशासन का कहना है कि रिसॉर्ट को धवस्त करने से पहले भूमि अतिक्रमण के खिलाफ नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने रिसॉर्ट को ध्वस्त कर दिया। वहीं, संजय पाठक का कहना है कि यह सरकार द्वारा बदले की भावना से की गई कार्रवाई है। बता दें कि संजय पाठक का नाम कथित रूप से विधायकों की खरीद-फरोख्त में भी आया था। हालांकि, उन्होंने ऐसे किसी भी मामले में शामिल होने से इनकार किया था।